सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंधमारी की कोशिश करने वाले सॉल्वर गैंग के सरगना योगेश की तलाश में पुलिस जुटी है। पुलिस टीम ने आरोपी के घर और उसके रिश्तेदारों के घर भी दबिश दी, लेकिन आरोपी और उसके साथी अब तक नहीं पकड़े गए हैं। इस मामले में पुलिस एक सॉल्वर समेत तीन आरोपी जेल भेज चुकी है।
सिविल लाइंस स्थित महाराज अग्रसेन इंटर कॉलेज में सिपाही भर्ती परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां शनिवार को सुबह की पॉली में बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश किदया जा रहा था। इसी दौरान ठाकुरद्वारा के शिव नगर पत्थरखेड़ा निवासी अभिषेक कुमार का बायोमैट्रिक सत्यापन किया गया तो एरर आ रहा था। शक होने पर कक्ष निरीक्षक ने पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस ने पूछताछ की तो उसने अपना असली नाम अवनीश कुमार बताया था। वह बिहार के सीतामढ़ी निवासी है। उसका साथी बिहार के जमुई निवासी कुमार गौरव को डिलारी के इग्राहा सहसपुरी निवासी मनीष यादव के स्थान पर दूसरी पाली में परीक्षा देनी थी। पुलिस ने दिल्ली रोड स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल से मनीष को पकड़ लिया था।
इसके अलावा अभ्यर्थी अभिषेक को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सॉल्वर ने बताया कि उसे और कुमार गौरव को बिहार के चंपारण जनपद के बरवाड़ा सितार ढाका निवासी अभिनव आलोक लेकर आया था जबकि अभिषेक और मनीष से ठाकुरद्वारा के राजोपुर मिलक निवासी योगेश यादव और उसके रिश्तेदार सुचित कुमार निवासी विजय नगर डूगरपुर थाना ठाकुरद्वारा ने दस-दस लाख रुपये में सॉल्वर बैठाने का सौदा तय किया था। योगेश यादव और अभिनव आलोक एक दूसरे के संपर्क में थे। अब तब योगेश, सुचित अभिनव आलोक और कुमार गौरव नहीं पकड़े गए हैं। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। योगेश और सुचित की गिरफ्तारी को उसके घर और रिश्तेदारों के घरों पर दबिश दी गई थी। अब तक पकड़ में नहीं आए हैं। अभिनव आलोक और कुमार गौरव की गिरफ्तारी को पुलिस टीम बिहार भेजी जाएगी।
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