मुरादाबाद। जिला कृषि अधिकारी पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाले किसान को शनिवार को विकास भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में खुद डीएओ ने पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। पिछले 24 दिन से ये मामला चल रहा था। इसकी जांच के लिए सीडीओ ने कमेटी भी गठित की थी। हालांकि, कमेटी अभी तक जांच पूरी नहीं कर सकी है।बिलारी क्षेत्र के सरगड़ा निवासी प्रगतिशील किसान आरेंद्र बड़गोती ने 17 सितंबर को जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए एक ऑडियो जारी किया। किसान का कहना था कि विकास भवन में उसका फोटो तत्कालीन सीडीओ ने लगवाया था। फोटो लगवाने के एवज में जिला कृषि अधिकारी राजेंद्र पाल सिंह ने कॉल कर उससे पांच हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग की।
किसान ने बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड करने के बाद वर्तमान सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी से लिखित शिकायत की। सीडीओ ने इस मामले में जांच के लिए एसीएम प्रथम, डीडीओ सहित तीन अधिकारियों की एक कमेटी गठित की। कमेटी ने राय दी कि किसी राजपत्रित अधिकारी के खिलाफ जांच करने के लिए शिकायतकर्ता को हलफनामा देना होगा। इसके लिए समिति ने किसान को नोटिस जारी कर हलफनामे की मांग की थी।
शिकायतकर्ता किसान ने बताया कि अधिकारियों ने इस मामले में समझौते की पहल की थी। उसने शिकायत वापस नही ली है। तय हुआ था जिला कृषि अधिकारी अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। वहीं, जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि शनिवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए किसान को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
ऐसे हुआ समझौता
विकास भवन में शनिवार को धन धान्य कृषि विकास योजना का दिल्ली से लाइव प्रसारण कार्यक्रम आयोजित था। इस कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी ने शिकायतकर्ता किसान को आमंत्रित किया था। स्थिति स्पष्ट करते हुए जिला कृषि अधिकारी ने किसान आरेंद्र बड़गोती को पगड़ी और शॉल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान जेडीए जीवन प्रकाश, उप कृषि निदेशक संतोष द्विवेदी, डीडीपीपी प्रशांत यादव सहित अन्य अधिकारी और किसान मौजूद थे।