मुरादाबाद। गलशहीद थाने में जिगर कॉलोनी निवासी दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि दंपती ने अपनी फर्म के नाम पर व्यापार करने के लिए बैंक से दो करोड़ 38 लाख रुपये का लोन ले लिया, लेकिन इस रकम से व्यापार नहीं किया। बल्कि, अन्य फर्मों के खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्यप्रकाश ने बताया जिगर कॉलोनी निवासी कशिश खान और उसकी पत्नी तरन्नुम रफीक के खिलाफ गलशहीद थाने में केस दर्ज कराया है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि स्टेशन रोड शाखा में मेसर्स केके इंटरनेशनल पार्टनरशिप फर्म और मेसर्स कशिश इंटरनेशनल प्रोपराइटरशिप फर्म के नाम से दो खाते हैं।
मेसर्स केके इंटरनेशनल पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर कशिश खान व तरन्नुम रफीक हैं, जबकि मेसर्स कशिश इंटरनेशनल प्रोपराइटरशिप फर्म के प्रोपराइटर कशिश खान हैं। एक फर्म एसईजेड और दूसरी हरथला इंडस्ट्रियल एरिया में है। बैंक के क्षेत्रीय बंधक ने बताया कि शाखा ने मेसर्स केके इंटरनेशनल फर्म को व्यापार करने के लिए उनके पीसी खाते द्वारा दो करोड़ 38 लाख रुपये चालू खाते में वितरित किए थे। इनमें से मेसर्स केके इंटरनेशनल के पार्टनर ने एक करोड़ 21 लाख रुपये मेसर्स कशिश इंटरनेशनल के चालू खाते में ट्रांसफर कर दिए और 54 लाख रुपये अन्य फार्मों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसी तरह मेसर्स कशिश इंटरनेशनल के प्रोपराइटर ने 56 लाख 74 हजार रुपये निकालकर मेसर्स केके इंटरनेशनल के खाते में ट्रांसफर कर दिए और 49 लाख रुपये व्यापार न करने वाली अन्य फर्मों के खातों में डाल दिए। बैंक अधिकारी का आरोप है कि लोन की रकम से बनाई उत्पाद के निर्यात का भी कोई साक्ष्य बैंक में जमा नहीं किया। उन्होंने मेसर्स केके इंटरनेशनल पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर व मेसर्स कशिश इंटरनेशनल के प्रोपराइटर के खिलाफ बैंक की ऋण राशि का दुरुपयोग करने और धोखाधड़ी करने की नीयत से अवैध तरीके से बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। लोकेंद्र कुमार ने बताया ने बताया कि पति-पत्नी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।