गुंडा एक्ट के दोषी को महज चौथे दिन ही सजा सुनाकर सीजेएम कोर्ट ने त्वरित न्याय की मजबूत मिसाल पेश की है। अदालत ने गुंडा एक्ट के दोषी को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला नौगांवा सादात थाने से जुड़ा है। तीन अप्रैल 2022 को थाने में तैनात दरोगा पवन कुमार अपने सहयोगी सिपाही यासीन सैफी के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम जन्म सिंह निवासी जाजरू थाना नौगांवा सादात बताया। जन्म सिंह जिला बदर होने के बाद भी क्षेत्र में रह रहा था।
जन्म सिंह को अपर जिला मजिस्ट्रेट अमरोहा ने 23 अक्तूबर 2021 को छह माह के लिए जिला बदर किया था। इसके बाद भी क्षेत्र में घूमने पर पुलिस ने उसे तीन अप्रैल को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की थी और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इस मामले में विवेचक ने 20 अप्रैल को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही जन्म सिंह जेल में बंद है।
यह मुकदमा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) डॉ दिव्यानंद द्विवेदी की अदालत में सुनवाई के लिए पहुंचा। अदालत ने मुकदमे की पहली सुनवाई आरोपपत्र दाखिल होने के बाद 30 मई को की थी। बृहस्पतिवार (आज) दूसरी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी कृष्ण पाल यादव ने आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की मांग की।
साक्ष्य और सबूतों के आधार पर अदालत ने जन्म सिंह को दोषी करार देते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
आरोपपत्र दाखिल होने के चौथे दिन बृहस्पतिवार को सिर्फ दो सुनवाई में दोषी को सजा का फैसला सुनाए जाने का जनपद में यह पहला मामला है।