मुरादाबाद। अयोध्या में प्रभु श्रीराम-विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या पर सुप्रसिद्ध साहित्यिक एवं कला संस्था आदर्श कला संगम की ओर से दिव्य सरस्वती कन्या इंटर कॉलेज में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। इसमें रचनाकारों ने प्रभु श्रीराम के जीवन पर आधारित विभिन्न प्रकार की मनमोहक काव्यात्मक प्रस्तुतियां दी। राजीव प्रखर ने कहा कि अवध की गोद में देखो, हुआ फिर आज उजियारा। मधुर सुरताल से सजकर, चली है काव्य की धारा। विजय श्री सत्य ने पायी, चलो अब साथ ही मिलकर, सिया पति राम का तुम भी, लगा लो आज जयकारा।
कवि मयंक शर्मा ने कहा कि कर पूर्ण प्रण वनवास का लौटे प्रभु निज धाम महकी अवध की हर दिशा गुंजित हुआ एक नाम, श्रीराम, श्रीराम, श्रीराम जय जय राम। वहीं दुष्यंत बाबा ने कहा कि राम नाम की महिमा सुनकर जड़ चेतन हो जाते हैं। लिए थाल में हीरे मोती, जलधि सामने आते हैं। कवि ओंकार सिंह ने कहा कि तुलसी में जैसे बसे, कमल नयन छवि धाम। अंतस में कभी और के, नहीं बसे श्रीराम। कवयित्री मीनाक्षी ठाकुर ने राम धारा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि धर्म ध्वजा लहराई नभ पर, कण-कण मानो राम हुआ। वरिष्ठ रचनाकार योगेन्द्र वर्मा व्योम ने वातावरण को इन शब्दों से रामरस में डुबोया-कृपासिंधु के रूप में, छवि धर ललित-ललाम। इस मौके पर वरिष्ठ कवयित्री डॉ. अर्चना गुप्ता, कवि अशोक विद्रोही, शायर डॉ. कृष्ण कुमार नाज ने मनमोहक काव्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रदीप शर्मा एवं योगेंद्र वर्मा व्योम ने किया। सुनील शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के जिला अध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा, रंगकर्मी राजेश रस्तोगी, हरि प्रकाश शर्मा, सुनील कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।