कांठ। क्षेत्र के गांव दरियापुर के जंगल में तेंदुए के हमले से घायल हुए तीन साल के मासूम हर्ष की अभी हालत में सुधार नहीं है। परिजन मेरठ के मेडिकल हॉस्पिटल में उसका इलाज कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों में भी तेंदुए की दहशत बरकरार है। उन्होंने तेंदुए को पकड़वाए जाने की मांग वन विभाग के अधिकारियों से की है।
कांठ तहसील क्षेत्र के गांव दरियापु्र के रहने वाले सुनील कुमार शनिवार की शाम अपनी पत्नी विमलेश के साथ खेत पर गन्ने की खोदाई कर रहे थे। यहीं पास में ही खेत में उनका तीन साल का मासूम बेटा भी खेल रहा था। इस दौरान खेत में गन्ने के बीच छिपकर बैठे तेंदुए ने अचानक हर्ष पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। सुनील और विमलेश ने जैसे-तैसे हर्ष को तेंदुए के चंगुल से छुड़ाया था। वह उसे लहुलुहान हालत में इलाज के लिए कांठ सीएचसी लाए थे, यहां से हर्ष को जिला अस्पताल ले गए, वहां से भी उसे मेरठ रेफर कर दिया गया था। जहां परिजन उसका सरदार वल्लभ भाई पटेल मेडिकल हॉस्पिटल में इलाज करा रहे हैं। सोमवार को घायल बच्चे के ताऊ कृष्णवीर सिंह ने बताया कि अभी उनके भतीजे की हालत में सुधार नहीं है। चेहरे पर सूजन अधिक होने के कारण वह आंखें नहीं खोल पा रहा है।
इधर गांव दरियापुर के ग्रामीणों में सोमवार को तीसरे दिन भी तेंदुए की दहशत बरकरार रही। यहां किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। वन विभाग द्वारा तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा सोमवार को भी शाम तक खाली रहा। वन दरोगा पीयूष जोशी ने ग्रामीणों को जागरूक किया। इस दाैरान ग्रामीणों ने घूम रहे खूंखार तेंदुओं को पकड़वाने की मांग की है।
किसान भवन छजलैट पर हुई भारतीय किसान यूनियन टिकैत की पंचायत में शुक्रवार को किसानों ने क्षेत्र में आक्रमक हो रहे तेंदुओं को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों को पंचायत के बीच बुलाकर तेंदुए को पकड़वाने के लिए हर ग्राम पंचायत में एक पिंजरे की व्यवस्था कराए जाने की मांग की थी। किसानों का कहना था कि इस समय खेतों में गेहूं की कटाई, गहाई और बसंतकालीन गन्ने की बुआई का कार्य एवं खादर क्षेत्र में पालेज पर किसानों के द्वारा काम किया जा रहा है लेकिन आक्रामक तेंदुओं की मौजूदगी के कारण वह खुद को खेतों पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं क्षेत्रवासी अपने बच्चों और पशुओं को लेकर भी चिंतित हैं। रामगंगा नदी के खादर क्षेत्र में बसा गांव दरियापुर वैसे तो कांठ तहसील, थाना और विधानसभा क्षेत्र का गांव है, लेकिन यह वन क्षेत्र की दृष्टि से ठाकुरद्वारा वन रेंज में आता है। जिस कारण यहां ठाकुरद्वारा वन विभाग की टीम ग्रामीणों को जागरूक करने का काम कर रही है। गांव दरियापुर के चारों ओर रामगंगा नदी के साथ ही यहां काफी पुरानी और घना वन भी है। जिसमें अक्सर तेंदुए व अन्य खूंखार जंगली जानवर दिखाई देते रहते हैं।