फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पौने दो साल से लापता क्लर्क का नहीं लगा सुराग, ढूंढने के नाम पर चौकी इंचार्ज ने लिए पांच हजार

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय में तैनात लिपिक सूरज सिंह रौतेला पौने दो साल से लापता हैं। उनकी मां ने सिविल लाइंस थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक लिपिक का कुछ पता नहीं चला है। क्लर्क के भाई का आरोप है कि कैंप चौकी पर तैनात रहे तत्कालीन प्रभारी ने लिपिक को ढूंढने में मदद करने के नाम पर पांच हजार रुपये भी लिए थे। बावजूद इसके पुलिस अब तक उनके भाई का कोई सुराग नहीं लगा सकी है।
विज्ञापन

मूलरूप से उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के कांडा थानाक्षेत्र के खाती गांव निवासी सूरज सिंह रौतेला बाढ़ खंड विभाग में लिपिक हैं। उनकी तैनाती बाढ़ खंड मुरादाबाद में अधिशासी अभियंता कार्यालय में थी। अल्मोड़ा में रहने वाले सूरज के भाई फकीर सिंह रौतेला ने बताया कि 19 सितंबर 2019 को तीन दिन का अवकाश लेकर सूरज घर के लिए निकले थे, लेकिन वह घर नहीं पहुुंचे। इसके बाद वह ड्यूटी पर नहीं लौटे, तब से परिवार के लोग उनकी तलाश में जुटे हैं। इस मामले में मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाने में भी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। भाई का आरोप है कि पुलिस की ओर से कोई मदद नहीं मिली। इतना ही नहीं कैंप चौकी पर रहे तत्कालीन चौकी इंचार्ज ने भी पांच हजार रुपये परिवार से लिए थे। चौकी इंचार्ज ने कहा था कि सूरज को ढूंढने के लिए इधर-उधर जाना पड़ेगा। इसके बाद दरोगा का तबादला हो गया था। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि लापता लिपिक को तलाशने का पूरा प्रयास किया जाएगा। साथ ही अगर परिवार लिखित में आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत देता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें