मुरादाबाद। डिलारी में मारे गए इरशाद की हत्या रुपयों का तकाजा करने की वजह से की गई। शुक्रवार को हत्याकांड का खुलासा करने हुए पुलिस ने दावा किया कि चोरी के आरोप में जेल काट रहे इरशाद में एक अन्य महिला बंदी से अपने बेटे का डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर लिया था। छूटने के बाद जब उसने रुपये मांगे तो महिला ने अपने दोस्त और भाई के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्याकांड में शामिल इरशाद का शव 11 मई को डिलारी क्षेत्र के तालाब में उतराता मिला था। पुलिस ने महिला के आरोपी दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि आरोपी महिला और उसका भाई फरार हैं।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए सीओ ठाकुरद्वारा अनूप सिंह ने बताया कि कुछ माह पहले इरशाद और उसकी पत्नी आशिया चोरी के मामले में जेल में बंद थे। दो माह का बेटा शानू भी दंपती के साथ में जेल में था। जेल में ही इरशाद और उसकी पत्नी की मुलाकात डिलारी थानाक्षेत्र के गांव सिहाली खद्दर निवासी मुमताज उर्फ पतली से हुई, जिसे सिविल लाइंस क्षेत्र में हुई डकैती के मामले में जेल भेजा गया था। पति से अलग रहने वाली मुमताज ने इरशाद के बेटे को गोद लेने की इच्छा जताई। इरशाद और उसकी पत्नी डेढ़ लाख रुपये लेकर अपना बच्चा मुमताज को सौंपने के लिए तैयार हो गए। जेल से रिहा होने पर मुमताज ने शानू को गोद ले लिया लेकिन बदले में तय रकम का भुगतान तत्काल नहीं किया। इरशाद बार-बार तय रकम का तकाजा करता था। इससे तंग आकर मुमताज ने भुगतान के बहाने इरशाद को छह मई को अपने घर बुला लिया। सीओ ने बताया कि मुमताज ने अपने भाई मुस्तफा तथा दोस्त फईम के साथ मिलकर पहले इरशाद को जमकर शराब पिलाई और फिर काजीपुरा के जंगल में ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव तालाब में डाल दिया। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
सीओ के मुताबिक इरशाद का शव मिलने के बाद से खुलासे की कोशिश में लगी डिलारी पुलिस ने शक के आधार पर गांव सिहाली खद्दर निवासी फईम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। फईम ने सारा सच बता दिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुमताज मय बच्चे के फरार है। मुमताज और उसके भाई मुस्तफा की तलाश की जा रही है।