मुरादाबाद। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई सामने लाने वाली आरसीएच पोर्टल की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल दी है। गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की स्क्रीनिंग में शहर की स्वास्थ्य इकाइयों की रिपोर्ट खराब है, जबकि ग्रामीण ब्लॉक बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। 17 फरवरी तक की रिपोर्ट के अनुसार जिले का औसत गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण 68.40 प्रतिशत है, जबकि शहर में यह घटकर 60.11 प्रतिशत रह गया।
यानी हर 10 में से लगभग चार गर्भवतियों का समय पर पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। शहर में कुल प्रसव रिपोर्टिंग मात्र 56.50 प्रतिशत और सभी एएनसी जांच 55.16 प्रतिशत दर्ज की गई हैं। संस्थागत प्रसव भी सिर्फ 56.45 प्रतिशत पर सिमटा हुआ है। इससे सवाल उठ रहे कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर में अस्पतालों की मॉनीटरिंग कमजोर है या प्रसव घरों में हो रहे हैं। नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल का कहना है कि शहरी क्षेत्र में निजी अस्पतालों में होने वाले प्रसव और जांच का पोर्टल पर समय से अपडेट न होना भी एक कारण है। अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, एएनसी जांच और संस्थागत प्रसव की मॉनीटरिंग की जाएगी।