ठाकुरद्वारा। नगर के तहसील स्थित प्राचीन श्री शिव हनुमान मंदिर का इतिहास करीब 73 वर्ष पुराना है। मंदिर में सावन माह और महाशिवरात्रि पर सैकड़ों भक्त हरिद्वार से कांवड़ लाकर पूजा-अर्चना करते हैं। सावन के महीने में यह मंदिर लोगों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। पूजा-अर्चना के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
मंदिर से पुजारी पंडित नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि तत्कालीन तहसीलदार ने 73 वर्ष पर्व यहां मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर की स्थापना तत्कालीन तहसीलदार स्वामीनाथ ने 15 अगस्त 1953 को कराई थी। इस मंदिर के बारे में और भी कई पुरानी मान्यताएं हैं। उन्होंने बताया कि एक साधु महात्मा यहां पर 150 वर्ष पूर्व रहते थे। जो यहां पर तपस्या करते थे। स्वामीनाथन ने बड़ा बाजार निवासी स्वर्गीय देवी प्रसाद शर्मा से मिलकर शिव मंदिर का निर्माण कराया। उन्होंने शिव परिवार की मूर्तियां जयपुर से मंगवा कर उनको मंदिर में विधि विधान से स्थापित कराया था। तब से यहां पर नगर के लोग पूजा-अर्चना करने आते हैं। महाशिवरात्रि के पर्व पर यहां पर विशाल भंडारा एक सप्ताह तक चलता है।
पुजारी पंडित नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि प्रत्येक मंगलवार को बड़ी संख्या में भक्त हनुमान जी की पूजा अर्चना करने और प्रसाद चढ़ाने यहां आते हैं। मंदिर परिसर में इस समय श्री गणेश, राधा कृष्ण, मां दुर्गे, भगवान श्रीराम दरबार, श्री साईं, भगवान शिव पार्वती, सूर्य भगवान, काली माता सहित 13 मूर्तियां स्थापित हैं। यहां पर प्रत्येक साल सावन माह में शिव महापुराण की कथा होती है। इस बार यह कथा 16 अगस्त से शुरू होगी।
मंदिर के प्रबंधक अशोक कुमार गहलोत का कहना है कि भक्तों के सहयोग से मंदिर का लगातार विकास हो रहा है, जो भगवान शिव और हनुमानजी के आशीर्वाद से ही संभव हो रहा है। भगवान सूर्य देव जी की मूर्ति इस वर्ष मंदिर में स्थापित की गई है।