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टीईटी : सरकार का पक्ष स्पष्ट नहीं, शिक्षकों में रोष

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मुरादाबाद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी की अनिवार्यता के आदेश के एक महीने बाद भी सरकार का पक्ष स्पष्ट नहीं होने पर शिक्षकों में रोष है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कोर्ट के आदेश से जिले के 2500 शिक्षक नौकरी को लेकर चिंतित है। पदाधिकारियों ने बताया कि अगर सरकार की ओर से टीईटी को लेकर जल्द स्पष्ट पक्ष नहीं रखा गया तो शिक्षक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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मुरादाबाद जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 5500 शिक्षक हैं। इसमें 2500 शिक्षकों की नियुक्ति आरटीई एक्ट आने से पहले हुई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय आने के बाद इन शिक्षकों को भी टीईटी की परीक्षा पास करनी है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 2011 से पहले के शिक्षक निर्धारित परीक्षा पास करके शिक्षक बने थे लेकिन अब उन्हें टीईटी पास करना है। शिक्षकों को करीब 15 साल से अधिक नौकरी करने के बाद टीईटी पास करना मुश्किल भरा हो सकता है। पदाधिकारियों ने बताया कि अभी हाल ही में संगठन की बैठक हुई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर विचार विमर्श किया गया। इस पर शिक्षकों ने चिंता व्यक्त की।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन के माध्यम से भारत सरकार से मांग की जाएगी कि वह अपने स्तर से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करें और एनसीटीई को निर्देश दें कि वह न्यायालय में इस संबंध में शपथ पत्र प्रस्तुत करे कि आरटीई एक्ट लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखा जाए।
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