इसे बेरोजगारी का आलम कहें या रेलवे से जुड़ने की चाहत। रेलवे में ई क्लास स्टेशनों पर निकाली गई अस्थायी स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट के जगहों पर लोग कमीशन छोड़ उल्टा अपने घर से पैसा लगाकर काम करने को तैयार हैं। टेंडर में माइनस में कमीशन भरने वालों के साथ ही जीरो प्रतिशत कमीशन पर काम करने वाले की लंबी लाइन है।
रेलवे के छोटे स्टेशनों पर तैनात स्टेशन मास्टर गाड़ियों का संचालन संभालने के साथ ही टिकट बिक्री का काम भी संभालते हैं। ऐसे में ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था प्रभावित होती है और स्टेशन मास्टरों पर भी एक ही समय में दोनों कार्य आने से दबाव बढ़ जाता है। कभी कभी स्थिति काबू से बाहर भी हो जाती है। जिसे देखते हुए रेलवे ने ई क्लास स्टेशनों पर एसटीबीए (स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट) तैनात करना शुरू किया है।
इसको टेंडर प्रक्रिया के तहत चुना जाता है। मुरादाबाद मंडल के 70 ई क्लास स्टेशनों के लिए छह अप्रैल से टेंडर मांगे गए। इनमें से 60 स्टेशनों के लिए 286 आवेदन आए। इन टेंडर की स्क्रूटनी चल रही है। जिसमें से आधे से अधिक लोगों ने जीरो प्रतिशत कमीशन पर टेंडर भरे हैं। ये लोग बिना कमीशन के ही काम करने तैयार हैं। ऐसे टेंडर जारी करने की प्रक्रिया बदलनी पड़ रही है।