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दहेज हत्या में पति को दस साल की सजा

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मुरादाबाद। दहेज हत्या के मामले में अदालत ने पति को दोषी करार देेते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा और दो हजार का जुर्माना लगाया है। वहीं, दो अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
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संभल के हजरतनगर गढ़ी थाने में 17 दिसंबर 2015 को चोखे निवासी गुरेर थाना मैनाठैर ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसने अपनी बेटी जूली की शादी सेवाराम उर्फ शोभाराम निवासी उमरारा थाना हजरत नगर गढ़ी के साथ 18 जून 2009 को की थी। शादी में ससुरालियों की मांग पर काफी दान दहेज दिया था, लेकिन सेवाराम अस्सी हजार रुपये नगद और एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था। जिसको लेकर बेटी से मारपीट भी की जाती थी। आरोप था कि दहेज की मांग पूरी न होने के कारण सेवाराम उर्फ शोभाराम और उसके भाई सोमपाल और बहनोई भोले उर्फ भोलू निवासी अबु नगर संभल ने मिलकर 16 मई 2015 की रात जूही की गला दबा कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने नामजद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई एफटीसी तृतीय माधवी सिंह की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने और मौजूद साक्ष्य के आधार पर देवर सोमपाल और बहनोई भोले उर्फ भोलू के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत न होने के कारण उन्हें बरी कर दिया। पति सेवाराम उर्फ शोभाराम को दहेज हत्या का दोषी करार देते हुए उसे दस साल कठोर कारावास की सजा के साथ दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। दोषी सेवाराम उर्फ शोभाराम को जेल भेज दिया गया।
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