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राजकीय संप्रेक्षण गृह में किशोर से कुकर्म

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मुरादाबाद। सिविल लाइंस स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में बंद एक किशोर ने पांच सह अपराचियों (साथ में रह रहे दुष्कर्म के नाबालिग आरोपी) पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर किशोर का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। हालांकि अभी तक स्लाइड रिपोर्ट नहीं आ सकी है। रिपोर्ट के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
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पांच सह अपचारियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाला किशोर अमरोहा का निवासी है। अमरोहा पुलिस ने उसे दुष्कर्म के मामले में जून माह के प्रारंभ मेें गिरफ्तार किया था। किशोर को किशोर बोर्ड में पेश करने के बाद राजकीय संप्रेक्षण गृह मुरादाबाद भेज दिया गया था। तीस जून को परिजन उससे मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान किशोर ने उन्हें बताया कि पांच सह अपचारियों ने 27 जून की रात उसके साथ कुकर्म किया है। यह सुनकर परिजनों के पैरों तले की जमीन खिसक गई।
इसके बाद परिजनों ने संप्रेक्षण गृह के अफसरों से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। किशोर के परिजन कार्रवाई के लिए अफसरों के चक्कर काटते रहे। करीब एक माह बाद निराश परिजनों ने अमरोहा कोर्ट में अर्जी लगाई कि उनके बेटे के साथ संप्रेक्षण गृह में दुष्कर्म किया गया है। मगर, शिकायत के बावजूद संप्रेक्षण गृह के अफसरों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
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उल्टा किशोर को ही शांत रहने के कहा गया। परिजनों की अर्जी पर अमरोहा कोर्ट ने किशोर का मेडिकल टेस्ट कराने के आदेश दिए। इस पर किशोर का मेडिकल टेस्ट कराया गया और स्लाइड तैयार कर फॉरेंसिक लैब भेजी गई है। अभी तक फॉरेंसिक लैब से रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।
संप्रेक्षण गृह में ही मामले को दबाने का प्रयास
किशोर के परिवार ने आरोप लगाया है कि संप्रेक्षण गृह प्रशासन से इस मामले की शिकायत की थी, मगर प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया गया। गृह के अफसरों ने न तो इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी और न ही उच्च अफसरों को इस मामले की जानकारी दी गई। किशोर का मेडिकल टेस्ट तक नहीं कराया गया, बल्कि किशोर को डांट फटकार कर शांत रहने को कहा। इस संबंध में सहायक अधीक्षक राम प्रताप से उनका पक्ष लेने का प्रयास किया, मगर उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया।
मेडिकल रिपोर्ट से सामने आएगी हकीकत
कोर्ट ने संप्रेक्षण गृह के अफसरों को इस मामले में दो अगस्त तक मेडिकल कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। परिसर में दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। परिसर में निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। फॉरेंसिक लैब से स्लाइड रिपोर्ट आने के बाद ही हकीकत सामने आएगी।
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