मुरादाबाद के जीआरपी थाने में पाकिस्तानी लड़की से पूछताछ का मामला शहर में आग की तरह फैल गया। देर रात जांच के बाद पता चला कि किशोरी पाकिस्तान की नहीं मेरठ की रहने वाली है। एलआईयू ने फोन पर उसके भाई से संपर्क किया तो किशोरी के मानसिक रूप से बीमार होने की जानकारी मिली।
मेरठ निवासी किशोरी 12वीं की छात्रा है। उसने निखिल को बताया था कि वह पाकिस्तानी के कराची की नागरिक है। भारत में अपने मामा के अलावा एक सहेली का भी जिक्र किया। उधर, निखिल का कहना है कि वह शिमला से लौटते समय बस से देहरादून पहुंचा था, वहां से उसका ट्रेन में मुरादाबाद के लिए रिजर्वेशन था।
निखिल ने अपना पता कटघर में ग्रीन फील्ड स्कूल के पास बताया। कहा कि उसके पिता डाक विभाग में पोस्ट मास्टर थे। उसने रुहेलखंड विश्वविद्यालय से सोशल सर्विस में परास्नातक किया है। इसके बाद शिमला में एक समाज सेवी संस्था से जुड़ गया।
तब से ज्यादातर समय शिमला में ही रहता है। परिवार से मिलने मुरादाबाद आता जाता रहता है। उसने बताया कि वह सिर्फ किशोरी की मदद करना चाहता था।
निखिल जिस किशोरी को पाकिस्तानी नागरिक बता रहा था वह मेरठ की निवासी है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। किशोरी के भाई से बात हुई है, उसकी आईडी भी मिली है। फिलहाल किशोरी को मानसिक रोगी बताया जा रहा है। उसके परिजनों को मुरादाबाद बुलाया गया है। - देवी दयाल, सीओ जीआरपी।