भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की संस्थापक जकिया सोमान ने कहा कि तीन तलाक का कुरान-ए-पाक में जिक्र नहीं है। ये एक कुरीति हैै। इसपर पाबंदी लगना चाहिए। मुस्लिम महिलाओं में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। बांबे हाईकोर्ट का हाजी अली दरगाह पर महिलाओं के जाने की इजाजत देना ऐतिहासिक बदला का नतीजा है।
वह शनिवार शाम शहर में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने आई थी। तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली जकिया सोमान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर शरीयत को सही ढंग से लोगों के सामने पेश किया जाता तो मुस्लिम महिलाओं को कोर्ट क्यों जाना पड़ता।
उनके अलावा सायरा बानो, आफरीन, इशरत जहां, बदर शईद कोर्ट याचिका दाखिल कर चुकी है। कुरान में तीन तलाक का जिक्र नहीं है, इसलिए दूसरे मुस्लिम देशों में इसकी मान्यता नहीं है। ये समाज में एक कुरीति है, इसपर पाबंदी लगनी चाहिए।
यही वजह है कि मुस्लिमों की दूसरी कमेटियों इसे नहीं माना जाता है। मुस्लिम महिलाओं को अपने अधिकार के लिए जागरूक होना पड़ेगा। बांबे हाईकोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला किया है। ये बदलाव के दौर की शुरुआत है।
तीन तलाक पर पर्सनल ला बोर्ड के साथ : ओवैसी
इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे पर वह मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के साथ हैं। यूपी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी तैयार है। चुनाव में एआईएमआईएम अपने उम्मीदवार उतारेगी।
असदुद्दीन ओवैसी शनिवार को शहर के होटल प्रेम वंडरलैंड में आयोजित आरटीआई एक्टिविस्ट की बेटी शादी में पहुंचे। खुद कार ड्राइव कर पहुंचे ओवैसी का जोशखरोश के साथ इश्तकबाल किया गया। वहीं शादी में पहुंचे मेहमानों ने भी ओवैसी के साथ खूब सेल्फी ली।
पत्रकारों के सवाल करने पर शादी समारोह का हवाला देकर जवाब देने से इंकार दिया। बहुत कुरेदने पर कहा कि वह मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य है। तीन तलाक पर बोर्ड के साथ है। यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरे जोशखरोश के साथ उतरेगी। इसके लिए कार्यकर्ता तैयार हैं। करीब तीस मिनट बाद वह शादी समारोह से निकल गए।