कांठ। न्यायालय द्वारा टीईटी अनिवार्यता को लेकर दिए गए निर्णय के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करने और निर्णय में आंशिक संशोधन करते हुए टीईटी पास करने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय देने के निर्णय पर शिक्षक संगठन मायूस हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की रणनीति बना रहा है।
शनिवार को संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. नीरज शर्मा ने कहा कि देश भर के शिक्षक संगठनों, प्रतिनिधियों व विधिक विशेषज्ञों के साथ मंथन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। जिला उपाध्यक्ष/ब्लॉक छजलैट के अध्यक्ष डॉ. कपिल सिरोही ने कहा कि शिक्षक समाज ने हमेशा लोकतांत्रिक, संवैधानिक व शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी है लेकिन बार-बार न्यायोचित मांगों की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण है। यह मामला किसी एक संगठन, एक वर्ग या एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लगभग 25 लाख शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा है। कहा कि संगठन शिक्षक हितों की रक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगा। संवाद