हत्यारों द्वारा शनिवार की रात मौत के घाट उतारे गए एनआईए के डिप्टी एसपी आतंकियों की रीढ़ पर लगातार वार कर रहे थे। उन्होंने गृह विभाग को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में आतंकी संगठनों के नेटवर्क का इनपुट दिया था। इसी इनपुट के आधार पर खुफिया एजेंसियों ने कई आतंकियों की गिरफ्तारी भी की थी।
अलकायदा का चीफ पकड़ा गया। दिल्ली से भी आतंकी संगठनों के सदस्य पकड़े गए। खुफिया विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि बिजनौर से फरार छह आतंकियों के संबंध में भी उन्हें अहम जानकारियां मिल रहीं थीं। एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद तेज तर्रार अधिकारियों में शामिल थे।
उन्होंने कई आतंकी संगठनों का नेटवर्क ट्रेस करके उसे ध्वस्त किया। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और जम्मू में सक्रिय संगठनों की कमर तोड़ने के लिए उन्होंने काफी काम किया। 12 दिसंबर 2014 को बिजनौर के मुहल्ला जाटान में बम बनाते समय हुए विस्फोट के बाद जो छह आतंकी फरार हुए थे उनकी तलाश करने वाली टीम में भी वह शामिल थे।
सूत्रों का कहना है कि फरार आतंकियों के संबंध में तंजील को कुछ जानकारियां हासिल भी हो रहीं थीं। बताया जाता है कि पिछले दो साल में उत्तर प्रदेश और दिल्ली से कई आतंकियों की गिरफ्तारी हुई। अलकायदा का चीफ पकड़ा गया। इंडियन मुजाहिदीन का नेटवर्क भी पकड़ा गया।
आईएसआई के लोग भी पकड़े गए। तंजील अहमद देश के अलग अलग हिस्सों में हुईं कई आतंकी वारदातों की जांच से जुड़े रह चुके हैं। एनआईए के एक अफसर ने बताया कि तंजील ने नकली नोटों के काले कारोबार का भी खुलासा किया था। जम्मू से होते देश के कई हिस्से में सप्लाई होने वाली ड्रग्स को भी पकड़ा था।