साफ-सफाई के मामले में अपना शहर पिछड़ता जा रहा है। पिछले साल की तुलना में अपना शहर 36 पॉयदान नीचे खिसक गया है। यह हाल तब है जब शहर को साफ-सुधरा रखने पर नगर निगम प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च करता है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 की जारी रैंकिंग में अपने शहर को 131वां स्थान मिला है।
दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की बृहस्पतिवार को स्वच्छता सर्वेक्षण सूची जारी की गई। इसमें मुरादाबाद को 131वां स्थान मिला है। इसमें गार्बेज फ्री सिटी और ओडीएफ डबल प्लस कार्य का सर्वेक्षण कर स्टार दिए गए। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन अधिकांश वार्डों में नहीं हो रहा है।
शहर की जनता से लेकर नगर निगम बोर्ड की बैठक तक में यह आवाज पार्षद उठा चुके हैं। हर बार अधिकारी इसे अमली जामा पहनाना का वादा भी करते हैं, लेकिन पूरा नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग कलेक्ट करने को लेकर भी तमाम प्रचार-प्रसार किया गया, लेकिन हकीकत अभी भी इससे कोसों दूर है।
वर्ष रैंकिंग
2023 131
2022 95
2021 108
2020 117
2019 195
2018 274
2017 321
ओवरऑल रैंकिंग में मुरादाबाद नगर निगम के स्थान की जानकारी नहीं मिल सकी है। गार्बेज फ्री सिटी में मुरादाबाद को पहली बार एक स्टार मिला है। ओडीएफ डबल प्लस में भी अपना शहर शामिल हो गया है। यह सफलता शहर के 20 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और शहर के सभी स्थानों से डस्टबिन हटवा लेने के बाद शहर में कहीं भी खुले में कूड़ा नहीं पड़ा होने और उसके सीधे कूड़ा निस्तारण प्लॉट तक पहुंचाने की मजबूत व्यवस्था के कारण संभव हो सका है। - संजय चौहान, नगर आयुक्त
यह सर्वे जनवरी 2023 में हुआ था। उस समय मेरा कार्यकाल खत्म हो चुका था। उसका भी प्रभाव पड़ा। जहां कमी रही है उसे दूर की जाएगी। इससे साबित होता है कि कुछ नए शामिल हुए शहरों ने बेहतर कार्य किया है। शहर के लोगों व नगर निगम प्रशासन के सहयोग से अगले साल और बेहतर स्थान हासिल करेंगे। - विनोद अग्रवाल, महापौर