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15 दिन बाद भी नहीं पहुंचा चार ग्राम विकास अधिकारियों का निलंबन आदेश

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मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के नाम पर बरती गई अनियमितता के मामले में शासन की जांच के बाद निलंबित किए गए चार ग्राम विकास अधिकारियों, पंचायत सचिवों व एक एडीओ का 15 दिन बाद भी निलंबन आदेश जिला मुख्यालय नहीं पहुंच सका है। इसके चलते संबंधित सचिवों और एडीओ को अभी तक निलंबन आदेश थमाए नहीं जा सके हैं।
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प्रशासकों के कार्यकाल में कराए गए कार्यों व भुगतान आदि में बरती गई अनियमितता की शिकायत पर शासन स्तर से विशेष सचिव पंचायतीराज की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने जांच की थी। जांच में तमाम अनियमितताएं मिली थीं। इस आधार पर शासन ने तत्कालीन डीपीआरओ राजेश कुमार सिंह, कुंदरकी के तत्कालीन एडीओ पंचायत द्विजेंद्र सिंह व मूंढापांडे के तत्कालीन एडीओ (पंचायत) चंद्रपाल सिंह के अलावा पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों व चार ग्राम विकास अधिकारियों को भी निलंबित करने का आदेश जारी किया गया था, जिसके आधार पर डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने संबंधित पंचायत सचिवों के वित्तीय अधिकार उसी दिन सीज कर दिए थे। साथ ही 16 नवंबर को संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी अंकित सिंह, इंतेजार हुसैन, मोहन सिंह रावत, अथहर फहीम व नरेश सिंह को निलंबन आदेश निर्गत कर दिए थे। ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव सुरेंद्र सिंह, रामप्रकाश सिंह, नाजिम इकबाल और दयाराम सिंह को जिला विकास अधिकारी जेबी पाठक की ओर से अभी तक निलंबन आदेश जारी नहीं किया गया है, जबकि उनके स्थान पर नए सचिवों की तैनाती उनसे संबंधित ग्राम पंचायतों में की जा रही है।
शासन से नहीं आई जांच रिपोर्ट
मुरादाबाद। डीपीआरओ ने निदेशक पंचायतीराज का पत्र मिलने के बाद आरोपी पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों के वित्तीय अधिकार प्रतिबंधित करने के साथ उन्हें निलंबन आदेश तो जारी कर दिया है, लेकिन शासन से अभी तक इस मामले की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। उच्चाधिकारियों को पत्र लिख कर उन्होंने इससे अवगत कराते हुए जांच रिपोर्ट मांगी है, जिससे निलंबित किए गए ग्राम पंचायत अधिकारियों को आरोप पत्र निर्गत किए जा सकें।
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शासन स्तर से चार ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की सूचना है, लेकिन आयुक्त ग्राम विकास से इस संबंध में न तो निलंबित किए जाने का आदेश मिला है और न ही जांच रिपोर्ट। इसके लिए आयुक्त कार्यालय से संपर्क किया गया है। जल्द ही लिखित तौर पर सभी आदेश प्राप्त होने की उम्मीद है। जैसे ही आदेश और जांच रिपोर्ट मिल जाती है। संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबन व जांच रिपोर्ट निर्गत कर दी जाएगी।
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जीबी पाठक, जिला विकास अधिकारी
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