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एडीओ और चार वीडीओ को जारी किया निलंबन आदेश

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मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के नाम पर बरती गई अनियमितता के मामले में शासन की जांच के बाद निलंबित किए गए चार ग्राम विकास अधिकारियों का निलंबन आदेश भी जिला मुख्यालय पहुंच गया। इसके बाद डीडीओ ने संबंधित सचिवों का निलंबन आदेश जारी कर दिया है। इसके अलावा निदेशक पंचायतीराज के स्तर से कुंदरकी के तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) द्विजेंद्र सिंह का दो दिन पहले जारी किया गया निलंबन आदेश भी सोमवार यहां पहुंच गया।
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प्रशासकों के कार्यकाल में कराए गए कार्यों और भुगतान आदि में बरती गई अनियमितता की शिकायत पर शासन स्तर से विशेष सचिव पंचायतीराज की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय कमेटी ने कुंदरकी और मूंढापांडे विकास खंड क्षेत्र की दस-दस ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों की जांच की थी, जिसमें तमाम गड़बड़ियां मिली थीं। इसके बाद अपर मुख्य सचिव (पंचायतीराज) मनोज कुमार सिंह ने 12 नवंबर को पूर्व डीपीआरओ राजेश कुमार, दोनों विकास खंडों के एडीओ क्रमश: द्विजेंद्र सिंह व चंद्रपाल के अलावा पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों व चार ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश नियुक्त अधिकारियों को दिया था।
डीपीआरओ कार्यालय तो शासन का यह पत्र ग्राम निदेशक (पंचायतीराज) के माध्यम से एक-दो दिन बाद ही पहुंच गया था, जिसके आधार पर डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने पांचों ग्राम पंचायत अधिकारियों/सचिवों अंकित सिंह, इंतेजार हुसैन, मोहन सिंह रावत, अथहर फहीम व नरेश सिंह को 16 नवंबर को निलंबन आदेश भी जारी कर दिया गया था। हालांकि आयुक्त ग्राम विकास के कार्यालय से अपर मुख्य सचिव का आदेश यहां डीडीओ कार्यालय 15 दिन बाद भी नहीं पहुंच सका था। डीडीओ चारों ग्राम विकास अधिकारियों का निलंबन आदेश जारी नहीं कर पा रहे थे।
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शासन का आदेश सोमवार को डीडीओ कार्यालय पहुंच गया, जिसके बाद डीडीओ जीबी पाठक ने पंचायत सचिव सुरेंद्र सिंह, रामप्रकाश सिंह, नाजिम इकबाल और दयाराम सिंह का भी निलंबन आदेश जारी कर दिया। जिला विकास अधिकारी ने निलंबन आदेश जारी करने की पुष्टि की।
निलंबित चारों वीडीओ की जांच को जिलास्तरीय अधिकारी नियुक्त
मुरादाबाद। जिला विकास अधिकारी की ओर से सोमवार को जारी किए गए निलंबन आदेश के साथ ही चारों ग्राम पंचायत अधिकारियों को उनकी जिस विकास खंड मुख्यालयों पर तैनाती है वहां संबद्ध कर दिया गया है।
इसके अलावा निलंबित वीडीओ सुरेंद्र सिंह की जांच जिला युवा कल्याण अधिकारी को सौंपी गई है। जबकि वीडीओ रामप्रकाश की जांच जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी को, नाजिम इकबाल की जांच जिला समाज कल्याण अधिकारी को तथा दयाराम की जांच बीएसए को सौंपी गई है। निलंबित एडीओ पंचायत द्विजेंद्र सिंह की जांच डीडी (पंचायत) बरेली मंडल बरेली को सौंपी गई है। एडीओ को जिला मुख्यालय संबद्ध किया गया है।
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