बिलारी। आगामी 14 से 21 सितंबर तक सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय परिसर में गन्ना सर्वे सट्टा मेला लगाया जाएगा जिसमें गन्ना किसानों की आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। उधर गन्ना समिति कर्मियों द्वारा गांव-गांव जाकर गन्ना किसानों को प्री कैलेंडर का वितरण शुरू कर दिया गया है ताकि किसान अपना गन्ने का रकबा और सर्वे रिकॉर्ड देखकर उस पर आपत्ति कर सकें।
गन्ना विकास परिषद बिलारी के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक संजीव कुमार के अनुसार गन्ना परिषद बिलारी और गन्ना समिति बिलारी क्षेत्र में कुल 287 राजस्व गांव आते हैं जिनमें से 22 राजस्व ग्रामों के रकबे में गन्ने की फसल नहीं है। 286 ग्रामों में बिलारी चीनी मिल क्षेत्र का 17247 हेक्टेयर, करीमगंज चीनी मिल क्षेत्र का 2091 हेक्टेयर और मझावली चीनी मिल क्षेत्र का 1989 हेक्टेयर रकबे में गन्ना खड़ा है।
गन्ना आयुक्त के निर्देश पर दो माह पहले गन्ना परिषद और चीनी मिल स्टाफ द्वारा संयुक्त रूप से सभी ग्रामों को जंगलों में जाकर गन्ने का सर्वे किया गया। सर्वे के दौरान किसानों से घोषणा पत्र भरवाए गए। किसानों के खेत का रकबा, गन्ने की प्रजाति और खेत में नोलफ या पेड़ी खड़ी होने की स्थिति को दर्ज किया गया। गन्ने सर्वे के आधार पर ही किसानों के गन्ने का मिल चलने के सीजन में गन्ना सट्टा शुरू होकर तोल पर्चियां जारी होती हैं।
सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी के विशेष सचिव हशमुल हसन ने बताया कि गन्ना समिति और गन्ना परिषद द्वारा गांव-गांव गन्ना किसानों को उनके खेत के रकबे से संबंधित प्री कैलेंडर का वितरण किया जा रहा है। इस प्री कैलेंडर में गन्ना किसान का पूरा ब्योरा दर्ज है यदि किसान के खेत के रकबे,गन्ने की प्रजाति और गन्ने की फसल की नोलफ तथा पेड़ी दर्ज होने संबंधी कोई कमी रह गई है तब संबंधित किसान को गन्ना सर्वे सट्टा मेला आयोजन के दौरान आपत्ति देने का मौका मिलेगा। सहकारी समिति के सभापति चौधरी विजयपाल सिंह ने बताया कि गन्ना सर्वे सट्टा मेला आयोजन के दौरान गन्ना किसानों को जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय परिसर में आगामी 14 सितंबर से लगने वाले सात दिवसीय गन्ना सर्वे सट्टा मेला में नौ काउंटर बनाए जाएंगे। गन्ना परिषद बिलारी क्षेत्र से संबंधित आठ काउंटर और गन्ना परिषद असमोली क्षेत्र से संबंधित एक काउंटर बनाया जाएगा। सभी काउंटर पर उन ग्रामों की सूची लगी होगी जिनसे संबंधित गन्ना किसानों की आपत्तियां ली जा सकेंगी। गन्ना परिषद के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि पहले काउंटरवार सभी आपत्तियां दर्ज की जाएंगी और बाद में उन आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।