मुरादाबाद। जिगर कॉलोनी में पानी की सरकारी सप्लाई ने लगातार दूसरे दिन जवाब दे दिया। बृहस्पतिवार शाम के बाद शुक्रवार सुबह भी नलों से एक बूंद पानी नहीं टपका, जिससे पूरी कॉलोनी में हाहाकार मच गया। भीषण गर्मी के बीच पानी का संकट लोगों की दिनचर्या पर भारी पड़ता दिखा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह रोज की तरह पानी आने के समय लोग इंतजार करते रहे, लेकिन सप्लाई शुरू ही नहीं हुई।
जब परेशान लोग नलकूप के पहुंचे तो वहां मौजूद ऑपरेटर ने साफ कह दिया कि ऊपर से ही सप्लाई फेल है। यह जवाब सुनकर लोग मायूस लौट आए। स्थिति यह रही कि जिन घरों में निजी मोटर या सबमर्सिबल पंप लगे हैं, वहीं से आसपास के लोगों ने पानी भरकर काम चलाया। बाकी परिवारों को मजबूरी में बाजार से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ा।
लोगों का कहना है कि गर्मियों में पहले ही बिजली कटौती के कारण पानी की समस्या बनी रहती है, लेकिन शुक्रवार को बिजली होने के बावजूद सप्लाई ठप रहना और भी गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि जल निगम की ओर से न तो कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
दो दिन से पानी न मिलने से घरेलू कामकाज तक प्रभावित हो गए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो वह विरोध करने को मजबूर होंगे। महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई। संबंधित से कारण पूछेंगे।
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लोगों के कोट्स
सुबह से लेकर शाम तक इंतजार में बैठे रहे, लेकिन एक बूंद पानी नहीं आया। अच्छा हुआ कि बच्चों के स्कूल की छुट्टी थी वरना भेजने में परेशानी होती। हर बार यही बहाना कि ऊपर से सप्लाई नहीं आई। आखिर जिम्मेदारी किसकी है, कोई बताने वाला नहीं।
- चंचल सैनी
घर में बूढ़े और छोटे बच्चे हैं। बिना पानी के हाल खराब हो गया। मजबूरी में पड़ोस से पानी लेना पड़ा। हर गर्मी में यही समस्या होती है, लेकिन अधिकारी कभी स्थायी समाधान नहीं निकालते, सिर्फ आश्वासन देते रहते हैं।
- रवि कुमार
जब बिजली रहती है तो पानी नहीं आता और जब पानी आता है तो बिजली गायब रहती है। इस बार तो बिजली भी थी, फिर भी सप्लाई फेल रही। अब क्या करें और किससे कहें।
- गुड्डू
सुबह चाय बनाने तक के लिए पानी नहीं था। बाजार से कैन खरीदकर काम चलाना पड़ा। हर दिन पैसे खर्च करना आम आदमी के बस की बात नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ फोन उठाने से बचते हैं।
- लव गुप्ता
वाटर टैंक गए तो वहां भी कोई ठोस जवाब नहीं मिला। बस कह दिया गया कि ऊपर से सप्लाई बंद है। अगर पहले सूचना मिल जाती तो हम कुछ इंतजाम कर लेते, लेकिन यहां तो सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है।
- आकाश कुमार
पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी जूझना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई और घर का काम सब प्रभावित हो गया। निगम को कम से कम इतनी जिम्मेदारी तो निभानी चाहिए कि लोगों को समय पर पानी मिल सके।
- मो. आदिल