मुरादाबाद। पाकबड़ा थानाक्षेत्र में डींगरपुर रोड पर आठ सितंबर की रात निर्यात फैक्टरी के सुपरवाइजर जालेंद्र सिंह की हत्या बीमा के एक करोड़ 66 लाख रुपये की धनराशि हड़पने के लिए की गई थी। इस हत्याकांड की साजिश सुपरवाइजर के दोस्त व बीमा कंपनी के एजेंट राजीव कुमार ने रची थी। पाकबड़ा पुलिस और एसओजी ने दो सगे भाइयों समेत चार हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन में सुपरवाइजर हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि संभल जनपद के असमोली निवासी जालेंद्र सिंह का शव आठ सितंबर की रात करीब साढ़े दस बजे पाकबड़ा-डींगरपुर मार्ग पर बकैनिया गांव के पास सड़क पर पड़ा मिला था। शव के पास ही उनकी स्कूटी खड़ी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। जालेंद्र सिंह ग्रोथ सेंटर स्थित दीवान एंड संस निर्यात फर्म में सुपरवाइजर के पद पर तैनात थे। पाकबड़ा पुलिस और एसओजी ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पता चला कि स्कूटी, बाइक और एक बोलेरो कार साथ साथ जाती दिखाई दीं। इसके बाद पुलिस ने वाहनों के बारे में जानकारी जुटाई।
इसके बाद पुलिस ने अमरोहा जनपद के नौगावां सादात थानाक्षेत्र के कूड़े माफी गांव निवासी दो सगे भाई वीर सिंह उर्फ बिट्टू व पुष्पेंद्र और राजीव चौहान निवासी ताहरपुर थाना हसनपुर जनपद अमरोहा व इंद्रपाल उर्फ करन सिंह निवासी चकौरी थाना हसनपुर जनपद अमरोहा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जालेंद्र सिंह उसके ही गांव राजीव कुमार से दोस्ती थी। आरोपी राजीव बीमा कंपनी में एजेंट है। उसने ही हत्याकांड की साजिश रची थी। आरोपी राजीव ने जालेंद्र सिंह के तीन अलग-अलग बीमा किए थे। जिसमें बीमा की धनराशि एक करोड़ 66 लाख 22 हजार रुपये थी। इस धनराशि को हड़पने के लिए उसने सुपरवाइजर की हत्या करने का योजना बनाई थी।
पुलिस का दावा है कि राजीव कुमार ने सबसे अपने साथी वीर सिंह उर्फ बिट्टू व राजीव चौहान से इस संबंध में चर्चा की और तीन लाख रुपये देने का लालच देकर हत्या करने के लिए तैयार कर लिया था। इस काम को अंजाम देने के लिए वीर सिंह उर्फ बिट्टू ने अपने सगे भाई पुष्पेंद्र और एक रिश्तेदार इंद्रपाल उर्फ करन को भी शामिल कर लिया था। आठ सितंबर को राजीव कुमार ने मझोला थाना निवासी रविशंकर सिंह को फोन कर उसकी बोलेरो कार हरिद्वार जाने के लिए बुक कर ली थी। राजीव ने रवि शंकर से कहा था कि उसके पास चालक है। उसे चालक की जरूरत नहीं है। इसलिए कार स्वामी ने अपना चालक नहीं भेजा था। राजीव कुमार खुद कार चलाकर ले गया था।
कार में सवार होकर आरोपी बकैनिया गांव के पास पहुंच गए थे। रास्ते में जालेंद्र को मिल गए और उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया। जालेंद्र की स्कूटी को इंद्रपाल को दे दी थी। पुलिस का दावा है कि कार में ही जालेंद्र को पहले शराब पिलाई। इसके बाद ईंट पत्थर तोड़ने वाली वसूली (हथियार) से हमलाकर जालेंद्र की हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी हत्या का हादसे का रूप देने के लिए जालेंद्र की लाश सड़क पर फेंक कर फरार हो गए थे। पुलिस अधीक्षक नगर अमित आनंद ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों को मंगलवार शाम अदालत में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मुरादाबाद। सुपरवाइजर जालेंद्र सिंह की हत्या का हादसा दिखाने के लिए हत्यारोपियों ने उसका शव सड़क पर डालकर बोलेरो कार से कुचल दिया था। पुलिस पूछताछ में हत्यारोपियों ने बताया कि घटना वाली रात वह कार से पाकबड़ा डींगरपुर रोड पर पहुंच गए थे। उन्होंने बकैनिया गांव के पास ही अपनी गाड़ी लगा दी थी। इसके बाद मास्टर माइंड राजीव ने फर्म के लैंड लाइन नंबर पर कॉल कर पूछा था कि जालेंद्र फर्म से निकल गया या नहीं। इसी दौरान उन्होंने रास्ते में स्कूटी से आते हुए जालेन्द्र सिंह को दिख लिया था।
पुलिस का दावा है कि पहले से जान-पहचान होने के कारण जालेंद्र भी राजीव कुमार को देखकर वहीं रुक गया था। आपस में बातचीत करने के बाद राजीव कुमार ने जालेन्द्र को बोलेरो गाड़ी की आगे की सीट पर बैठा लिया। जबकि राजीव चौहान गाड़ी चलाने लगा। इस दौरान सभी ने शराब भी पी थी। पिछली सीट पर वीर सिंह उर्फ बिट्टू व मुख्य आरोपी राजीव कुमार बैठा था, जबकि जालेन्द्र की स्कूटी इंद्रपाल सिंह उर्फ करन सिंह खुद चलाकर बोलेरो गाड़ी के पीछे चलने लगा था। इसके बाद बुलेरो गाड़ी की पिछली सीट पर बैठे राजीव कुमार ने जालेन्द्र सिंह से बीमा के किसी दस्तावेज में हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाने लगा।
जब जालेन्द्र ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, तो राजीव कुमार ने ईंट व पत्थर तोड़ने वाली वसूली से उसके सिर पर हमला किया। आरोपी ने एक दो नहीं बल्कि उसके सिर, गर्दन, पीठ और कंधे पर वार किए थे। जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या करने के बाद आरोपियों ने जालेंद्र के शव को सड़क पर डाल दिया। इसके बाद आरोपियों ने तीन बार शव पर गाड़ी चढ़ाई थी। इस हत्याकांड को हादसे का रूप देने के लिए शव के पास स्कूटी खड़ी कर आरोपी फरार हो गए थे।