मुरादाबाद। इस बार मुरादाबाद मंडल में चीनी का उत्पादन दो फीसदी तक बढ़ गया है। जबकि अभी तो पेराई सत्र जारी है। 18 चीनी मिलें गन्ने की खरीद कर रही हैं। पेराई सत्र खत्म होने पर कुल चीनी उत्पादन का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। शुगर लॉबी का मानना है कि रिकवरी बेहतर आने से अच्छा उत्पादन हुआ है। वहीं दूसरी बड़ी वजह अगैती किस्म के क्षेत्रफल में वृद्धि होना भी माना जा रहा है।
मुरादाबाद मंडल में कुल 23 चीनी मिलें पेराई कर रही हैं, इनमें बिलासपुर की सहकारी चीनी मिल और राणा ग्रुप की बेलवाड़ा, बिलारी, करीमगंज और मझावली चीनी मिल अपना पेराई सत्र पूरा कर चुकीं हैं, शेष 18 चीनी मिलों में गन्ने की खरीद की जा रही है। उपायुक्त (गन्ना) हरपाल सिंह ने संभावना जताई कि यह सभी चीनी मिल मार्च के अंत तक अपना पेराई सत्र पूरा कर सकती हैं, दो या चार चीनी मिलें अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक भी संचालित रह सकती हैं।
गन्ने में चीनी की रिकवरी ने संभाला
पिछले साल आज की तिथि तक मंडल की सभी चीनी मिलों ने 150 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया था लेकिन इस बार 10 मार्च तक अब तक 161 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया जा चुका है, जो पिछले साल की अपेक्षा 11 लाख क्विंटल अधिक है। जबकि पेराई सत्र अभी तक चालू है। पिछले साल जहां गन्ने में रिकवरी 9 से 10 प्रतिशत के बीच रहती थी, इस बार औसत रिकवरी 11 के पार है, कुछ चीनी मिलों ने 12 व 13 प्रतिशत तक की रिकवरी भी ली है। यही कारण है कि अब तक की गई गन्ना पेराई में चीनी का उत्पादन पिछले साल से अधिक आ रहा है। यही स्थिति अंत तक बनी रह सकती है।