मुरादाबाद। फास्टफूड के शौकीन लोगों को समोसे व मोमोज के साथ मिलने वाली रंग बिरंगी चटनी को सावधानी से खाना चाहिए, क्योंकि इनमें कुछ ऐसे रंगों का प्रयोग पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं हैं। यह बात उस समय सामने आई, जब बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की मोबाइल लैब वैन ने बाजारों पर जाकर मौके पर ही चेकिंग की, जिसमें 22 नमूनों में तीन नमूने फेल हो गए।
सहायक आयुक्त (खाद्य) राजवंश श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को विभागीय मोबाइल लैब वैन ने नगर में कुरूला-संभल रोड पर बाजारों में जाकर खाद्य वस्तुएं के नमूने लेकर मौके पर ही जांच की। कुल 22 नमूने लिए गए थे, इनमें फास्टफूड की दुकानों पर जो चटनी दी जा रही है, उसके तीन नमूने फेल हो गए हैं, क्योंकि उनमें जो रंगों का उपयोग मिला है, वह स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक तो नहीं माना जा सकता है लेकिन ठीक भी नहीं है, नियमानुसार ऐसे रंगों का उपयोग नहीं होना चाहिए, इनके दूरगामी परिणाम अच्छे नहीं हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर लोगों को खाद्य पदार्थो में मिलावट की पहचान करने की तरीके बताते हुए उन्हें जागरूक किया गया। छह दुकानदारों को रंगों व अन्य मानकों के प्रयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। खाद्य व्यवसाय संचालकों को एफएसएसएआई लाइसेंस प्राप्त खाद्य सामग्री का उपयोग करने, खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों का उपयोग न करने, खाद्य उत्पादन संगठनों (एफबीओ) को स्वच्छता और स्वास्थ्यकर स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिए गए।