बिलारी। गन्ना विभाग के अधिकारियों और किसान संगठनों ने बिलारी चीनी मिल पर वायदे के अनुसार बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने का आरोप लगाया है। चीनी मिल ने गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए जो नया शेड्यूल भेजा है उस पर गन्ना समिति ने नाराजगी जताते हुए मिल प्रबंधन को पत्र जारी किया है।
उधर गन्ना मूल्य के बकाया 41 करोड़ रुपये का शीघ्र भुगतान न करने पर किसान संगठनों ने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बिलारी चीनी मिल ने बुधवार को गन्ना समिति बिलारी को बीती 14 और 15 जनवरी को खरीदे गए गन्ना मूल्य के तीन करोड़ एक लाख रुपये का भुगतान भेजा। गन्ना समिति के सचिव आर के पाठक ने बताया कि चीनी मिल प्रबंधन ने एसडीएम और डीसीओ की मौजूदगी में किसान संगठनों से जो आश्वासन दिया था उसके अनुसार गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया। वर्तमान पूरे माह जुलाई में लगभग तीन करोड़ रुपये का ही भुगतान भेजा गया है।
समिति सचिव ने यह भी बताया कि बिलारी चीनी मिल ने गन्ना समिति कार्यालय को अवशेष गन्ना मूल्य का जो शेडयूल भेजा है उसके अनुसार आगामी अगस्त माह में चार करोड़, सितंबर माह में चार करोड़ और अक्टूबर माह में पांच करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान के रूप में देने को कहा है। गन्ना मूल्य के शेष 29 करोड़ रुपये आगामी तीस नंबवर तक देने की बात कही है।
समिति सचिव ने चीनी मिल के इस नए शेडयूल पर आशंका जताई है कि आगामी गन्ना पेराई सत्र शुरू होने तक बीते गन्ना पेराई सत्र के समस्त मूल्य का भुगतान होना असंभव लग रहा है। सहकारी गन्ना समिति के अध्यक्ष चौधरी विजयपाल सिंह ने बताया कि गन्ना मूल्य में भुगतान में देरी करने पर गन्ना समिति की ओर से बिलारी चीनी मिल को चेतावनी पत्र जारी किया गया है।
चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना गिरीश कुमार सिंह का कहना है कि मिल प्रबंधन की ओर से पूरी कोशिश की जा रही है कि बकाया गन्ना मूल्य का जल्दी भुगतान कर दिया जाए। उधर भाकियू अराजनैतिक के तहसील अध्यक्ष विक्की चौधरी और भाकियू टिकैत के तहसील अध्यक्ष रनवीर यादव ने बताया कि गन्ना मूल्य में भुगतान में देरी के मुददे पर शीघ्र ही एसडीएम से मिला जाएगा और संतोषजनक जवाब न मिलने पर चीनी मिल के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।