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शुगर लॉबी ने फेंका 850 करोड़ का पासा

Sat, 26 Mar 2016 02:25 AM IST
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो
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चीनी मिल
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शुगर लॉबी पर किसानों के बकाया पेमेंट को दबाव बना तो मिल वालों ने सरकार से अपना पैसा मांगना शुरू कर दिया। यह पैसा बिजली का है जो चीनी मिलें बनाकर शासन को बेचती हैं। 850 करोड़ का बकाया है जिसमें से 200 करोड़ तो मुरादाबाद मंडल की ही 13 चीनी मिलों का है।
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प्रदेश में 116 चीनी मिलें गन्ने की खरीद कर रही हैं। ये मिलें अभी तक 598.32 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी हैं। सूबे में 59 चीनी मिलें ऐसी हैं जिन्होंने पावर प्लांट भी लगा रखा है। बगास (खोई) से बिजली बनाई जाती है। एक पेराई सत्र में करीब 1400 मेगावाट बिजली का उत्पादन इन मिलों द्वारा कर लिया जाता है।

चीनी मिलें अपनी जरूरत के इस्तेमाल के बाद शेष बिजली सरकार को बेच देती हैं। हर साल सरकार पेमेंट भी कर देती है। मगर इस साल बिजली का पेमेंट मिलों को नहीं हो पाया है। जबकि चीनी मिलें लगातार शासन को पत्र भेज रही हैं। गन्ना अधिकारियों तक भी चिट्ठियां पहुंच रही हैं।
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अब क्योंकि शासन ने चीनी मिलों पर बकाया पेमेंट के भुगतान को दबाव बनाना शुरू कर दिया है। आगामी पेराई सत्र के लिए चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्र काटा जा रहा है। आरसी तक जारी हो रही हैं। शासन ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वह मिल वालों के साथ मीटिंग करके भुगतान का शेड्यूल ले लें। जो शेड्यूल दिया जाए उसी आधार पर पेमेंट भी लिया जाए।

वहीं अब लगातार बढ़ते प्रेशर को देखकर शुगर लॉबी में भी हड़कंप मच गया है। लिहाजा चीनी मिलों ने शासन पर दबाव बनाने के लिए अपना बिजली का बकाया 850 करोड़ मांगना शुरू कर दिया है। गन्ना विभाग के अफसरों से मिलकर पेमेंट दिलाने की मांग की जा रही है।

कई चीनी मिलों ने तो यहां तक कह दिया है कि जब तक सरकार से उनका पैसा नहीं मिलेगा वह भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं। क्योंकि अगर शासन से पैसा मिल जाएगा तो वह तेजी के साथ भुगतान कर सकते हैं। अपर गन्ना आयुक्त वीके शुक्ल ने बताया कि सरकार ने बजट में व्यवस्था की है। माना जा रहा है कि जल्द ही मिलों को पेमेंट हो जाएगा। वहीं चीनी मिलों से किसानों का पेमेंट कराने के लिए भी लगातार दबाव बनाया जा रहा है।  
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