हिंदू कालेज में स्थिति लगातार अराजक हो रही है। कालेज के स्टाफ पर प्रशासन की पकड़ खत्म हो रही है। कालेज का लिपिक गुरुवार को छात्रों से दो-दो सौ रुपये की अवैध वसूली करते हुए पकड़ा गया। छात्रों ने उसे पकड़कर सबूत के साथ प्राचार्य को सौंप दिया। प्राचार्य ने प्रारंभिक जांच के बाद सीट से हटा दिया है।
हिंदू कालेज में गुरुवार को छात्र नेताओं ने चीफ प्राक्टर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। चीफ प्राक्टर के साथ वार्ता के बाद समझौता हो गया। इसी दौरान दो छात्र प्राचार्य के पास शिकायत लेकर आए कि विंडो नंबर चार पर अल्पसंख्यक छात्रों से छात्रवृत्ति के फार्म जमा करा रहा बाबू असगर अली एफिडेविट के नाम दो रुपये वसूल रहा है।
छात्रों की शिकायत पर प्राचार्य पूरी टीम के साथ विंडो नंबर चार पर पहुंच गए। पीछे पीछे सभी छात्र नेता भी आ गए। खिड़की पर मौजूद कई विद्यार्थियों ने उनसे रुपये लिए जाने की शिकायत की। बाबू की टेबल और वहां रखे फार्म की तलाशी ली गई। किसी भी फार्म में एफिडेविट नहीं मिले।
हालांकि उसकी ड्राअर में एफिडेविट रखे थे। असगर अली छात्रों को एफिडेविट लगाने के एि कहता, छात्र जब फिर से बाहर जाकर एफिडेविट लाने से बहाने लगाते तो वह उनसे कहा कि 200 रुपये दो वह खुद एफिडेविट बनवाकर लगा देगा।
जबकि एफिडेविट लगाने की व्यवस्था पर केंद्र सरकार के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भी रोक लगा दी हे। बाबू को डांट फटकार कर प्राचार्य अपने कक्ष में आ गए। थोड़ी देर बाद कुछ छात्र फिर से रुपये लिए जाने की शिकायत लेकर आए गए।
असगर अली को थोड़ी देर पहले न तो फटकार लगने की शर्म थी और ना ही किसी का डर। प्राचार्य ने उसे अपने केबिन में बुलाया। इसके बाद उसे खिड़की नंबर चार से हटाने के आदेश देने के साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। असगर अली का रिकार्ड पहले से ही खराब है। वह कई बार छात्रों से गलत तरीके से वसूली में पकड़ा जा चुका है।