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किताबों की किल्लत और गाइड खरीदने की बाध्यता से विद्यार्थी बेहाल

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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण काल में शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। अभिभावक आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद विद्यार्थियों को किताबों की किल्लत और किताबों के साथ गाइड खरीदने की बाध्यता का सामना करना पड़ रहा है। किताब विक्रेताओं का कहना है कि उनके द्वारा मांग न भेजने और प्रकाशकों द्वारा मनमाने तरीके से टेंडर भरने की वजह से यह समस्या उत्पन्न हो रही है।
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कोरोना संक्रमण काल में पिछले वर्ष मार्च से स्कूल बंद हैं। नवंबर से स्कूलों को खोलने की अनुमति मिली थी, लेकिन इस वर्ष फिर संक्रमण बढ़ने की वजह से उन्हें बंद कर दिया गया। विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भी किताबों की जरूरत हो रही है।
बाजार में यूपी बोर्ड की कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को गणित, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और अर्थशास्त्र की किताब की कमी है। किताब विक्रेताओं का कहना है कि प्रतिदिन 20 से 25 विद्यार्थी गणित, वनस्पति विज्ञान, जीव विज्ञान और अर्थशास्त्र की किताबों को खरीदने के लिए आते हैं, लेकिन उनके पास किताबें न होने की वजह से विद्यार्थियों को लौटना पड़ता है। नवीं और दसवीं की किताबों के साथ गाइड देना जरूरी है। गाइड की कीमत 265 रुपये है।
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निजी प्रकाशकों की किताबों के बढ़ी कीमत
सरकारी किताबों की कमी की वजह से कक्षा 12 की निजी प्रकाशकों की किताबों की कीमत बढ़ गई है। रसायन विज्ञान की किताब पहले 800 रुपये की आती थी, अब वह 850 रुपये की आ रही है। इसके अलावा वनस्पति विज्ञान की किताब 750 रुपये की जगह अब 800 रुपये और भौतिक विज्ञान की किताब 850 रुपये की जगह अब 900 रुपये की आ रही है।
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