अगवानपुर निवासी निवासी विभोर गुप्ता की विभोर क्लाथ हाउस के नाम से दुकान है। विभोर ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे तीन महिलाएं उनकी दुकान में कपड़ों खरीदने पहुंच गईं।
दुकान पर काम करने वाले सलमान ने महिलाओं को कपड़े दिखाए। सलमान ने एक के बाद एक दर्जन सूट दिखा दिए। 30 मिनट में दर्जनों सूट देखने के बाद उन्होंने एक भी सूट पसंद नहीं किया। इस दौरान काउंटर पर दर्जनों सूट फैल गए। विभोर उन सूटों को समेटने लगा।
विभोर गुप्ता की पत्नी रश्मि दुकान के बाहर स्टूल पर बैठ गई। इसी बीच महिलाओं ने काउंटर के नीचे रखे थैले से सूट निकलकर अपने बुर्के में भर लिए। काफी देर के बाद महिलाओं ने एक सूट की कीमत लगाई। कीमत कम होने पर विभोर ने सूट देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद महिलाएं दुकान से बाहर आने लगी। विभोर को उन महिलाओं की हरकतों पर शक हुआ। उसने महिलाओं को दुकान में बैठा लिया। फिर विभोर ने अपने सूटों की गिनती लगाई। उसकी गिनती में पांच सूट कम आए। उनकी पत्नी रश्मि ने महिलाओं की तलाशी ली। दो महिलाओं के बुर्के में पांच सूट बरामद हुए।
उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मोके पर पहुंच गई। उन्होंने पुलिस को बताया कि इससे पहले दिवाली पर भी उनकी दुकान से पांच सूट चोरी हुए थे। तब भी ये ही महिलाएं आई थीं।
थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि डिलारी निवासी महिला मुस्कान पत्नी शराफत, जोया पुत्री शराफत मां बेटी हैं। जबकि नाजिया पुत्री नाजिम उनकी रिश्तेदार है। तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सोमवार शाम तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।