पूर्व सीएम अखिलेश यादव और अन्य के खिलाफ दर्ज मुकदमों में पाकबड़ा थाने की पुलिस ने होटल स्टाफ के बयान बुधवार को दर्ज किए। पाकबड़ा थाने की पुलिस बुधवार दोपहर होटल पहुंची और कर्मचारियों के बयान लिए। इस दौरान विवेचक ने स्टाफ से ये जानने का प्रयास किया, आखिर किस बात पर होटल में विवाद हुआ था। दस कर्मचारियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। बाकी लोगों को गुरुवार को बुलाया गया है।
पाकबड़ा के एक होटल में 11 मार्च को आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता के दौरान हंगामा हो गया था। पुलिस ने इस मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज की थी। पहला केस आईपीएए (इंडियन प्रेस एलाइवनेस एसोसिएशन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश पाराशर ने दर्ज कराया था। जिसमें यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीस अज्ञात को आरोपी बनाया गया है।
इसमें पूर्व मुख्यमंत्री पर पत्रकारों को बंधक बनवाकर पिटवाने का आरोप है, जबकि दूसरा केस सपा जिला अध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने दर्ज कराया है। जिसमें मीडिया कर्मी फरीद शम्सी और उबैद उरर्हमान को नामजद किया गया है। इस मामले में पुलिस ने बुधवार को होटल पहुंचकर घटना के संबंध में होटल स्टाफ की सूची तैयार की। घटना के समय होटल में जिन कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी थी उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बुधवार को दस कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं।
केस के वादी और मीडिया कर्मी बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे
मुरादाबाद। बुधवार को केस के वादी और मीडिया कर्मी बयान दर्ज कराने थाने नहीं पहुंचे। पुलिस की ओर से मंगलवार को पहले केस के वादी और दो मीडिया कर्मियों को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। विवेचक ने मीडिया कर्मियों के घरों पर नोटिस भी चस्पा किए थे। बताया जा रहा है कि विवेचक पूरे दिन तीनों का इंतजार करते रहे। उधर, मीडिया कर्मियों ने बुधवार दोपहर सिविल लाइंस स्थित अंबेडकर पार्क में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया।