मुरादाबाद। राज्य कर की टीमों ने तीन फर्मों पर छापा मारकर करोडों की जीएसटी चोरी पकड़ी है। इसमें दो फर्म मुरादाबाद और एक बिजनौर की है। तीनों फर्मों के स्वामियों ने मौके पर ही एक करोड़ नौ लाख रुपये जमा कर दिए। राज्य कर की इस कार्रवाई से शहर के कारोबारियोें में हड़कंप मचा रहा।
राज्य कर आयुक्त ने सूचना के आधार पर स्थानीय राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड-1 आरएस द्विवेदी को तीन फर्मों की जांच के लिए निर्देश दिए। राज्य कर के अपर आयुक्त ग्रेड-2 आरए सेठ ने इस मामले में बृहस्पतिवार को तीन टीमें गठित की। एसआईबी टीम ने शहर के कांठ रोड स्थित एक एक्सपोर्ट फर्म की जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि एक्सपोर्ट फर्म ने टर्नओवर की तुलना में बहुत कम जीएसटी जमा किया है। वर्ष 2023-24 और 2024-25 में निर्यातक ने ऐसी फर्मों से खरीद दिखाई है, जिनके पंजीयन पहले से निरस्त हैं। जांच के बाद निर्यातक ने 45 लाख रुपये जमा किया। वहीं दूसरी टीम ने गांधीनगर स्थित एक मेंथा फर्म पर छापा मारा। फर्म के अभिलेखों की जांच पड़ताल में यह पाया गया कि व्यापारी ने बोगस खरीद करने के बावजूद आईटीसी क्लेम किया है। खरीद की तुलना में बिक्री भी कम दिखाई है। उसने कैश के रूप में मामूली जीएसटी जमा किया है। मेंथा व्यापारी के यहां जांच के समय 80 ड्रम मेंथा ऑयल और 60-65 ड्रम मेंथॉल क्रिस्टल पाए गए। गड़बड़ी सामने आने पर व्यापारी ने 30 लाख रुपये तत्काल जमा कर दिए। मुरादाबाद की जांच एसआईबी के संयुक्त आयुक्त एसपी तिवारी और मिलिंद के नेतृत्व में की गई। वहीं तीसरी टीम ने बिजनौर में कार्रवाई की है। जांच टीम में उपायुक्त धर्मेंद्र कुमार सचान, विकास बहादुर चौधरी, पुष्पेष सिंह और बिजनौर जिले में सहायक आयुक्त रणंजय यादव, अखिलेश कुमार आदि अधिकारी शामिल रहे।
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बिक्री से कम दिखाया टर्नओवर
- राज्य कर की टीम ने बिजनौर जिले में एसआईबी की संयुक्त आयुक्त प्रीति शर्मा के नेतृत्व में जनरल सामान की एजेंसी की जांच की। जांच पड़ताल में पता चला कि व्यापारी लगातार सामान बिक्री कर रहा था, लेकिन टर्नओवर बहुत कम दिखा रहा है। इसी आधार पर जीएसटी भी बहुत कम जमा कर रहा था। जांच में गड़बड़ी पकड़ी जाने पर व्यवसायी ने 34 लाख रुपये जमा किया।