मुरादाबाद। एकता कॉलोनी निवासी सर्वेश देवी बृहस्पतिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। जहां जनसुनवाई कर रहे एसएसपी सतपाल अंतिल को अपने बेटे के लापता होने से अंतिम संस्कार तक की कहानी सुनाई तो एसएसपी खुद महिला को साथ लेकर पाकबड़ा थाने पहुंच गए। उन्होंने महिला से कहा कि किन-किन पुलिस कर्मियों से आपने गुहार लगाई और किसने क्या कहा पूरी कहानी बताइए। इस दौरान पुलिसकर्मियों की महिला के सामने परेड भी कराई। महिला के आरोप और जांच में थाना प्रभारी विनोद, एसएसआई सतेंद्र सिंह, पाकबड़ा कस्बा चौकी इंचार्ज इजहार अली, दरोगा विशाल चौधरी, हेड मोहर्रिर अमित कुमार और महिला कांस्टेबल प्रिया की लापरवाही सामने आई। एसएसपी ने सभी को निलंबित करने की चेतावनी दी हालांकि बाद में सभी लाइन हाजिर किए गए। इसके बाद एसएसपी महिला को मझोला थाने ले गए और यहां दिए गए प्रार्थनापत्रों के बारे में जानकारी की गई हालांकि मझोला थाने की पुलिस की लापरवाही सामने नहीं आई है। मझोला थाने में अजीत की गुमशुदगी दर्ज मिली।
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कार चालक, और अजीत के तीनों दोस्तों पर केस
मुरादाबाद। मझोला थाने में अजीत की मां सर्वेश देवी की तहरीर पर पुलिस ने कार चालक और उसके तीन दोस्तों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मझोला के एकता कॉलोनी आजाद नगर निवासी सर्वेश देवी ने दर्ज कराए केस में बताया कि उसका बेटा अजीत को मोहल्ले में रहने वाले दीपक, किशन, सुनील अपने साथ 27 जुलाई की रात करीब आठ बजे ब्रजघाट से कांवड़ लेने गए थे। महिला का आरोप है तीनों ने अजीत को नशीला पदार्थ खिला दिया था। इसकी जानकारी आरोपियों ने ही महिला को दी थी। इसके बाद अजीत को कार ने टक्कर मार दी थी जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपी सचिन, दीपक, सुनील छोड़कर भाग गए थे। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है।
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पुलिस ने दिखाई होती जिम्मेदारी तो परिवार कर लेता अजीत के अंतिम दर्शन
मुरादाबाद। मां और दो भाई अजीत की तलाश में जुटे रहे लेकिन थाने चौकी में कोई उनकी मदद करने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो मां और दो भाइयों को अजीत के अंतिम दर्शन करने का मौका मिल जाता। इस लापरवाही में कोई एक पुलिस कर्मी जिम्मेदार नहीं है बल्कि पड़ोसी अमरोहा जिले की डिडौली थाने की पुलिस भी जिम्मेदार है। हादसा डिडौली थाना क्षेत्र में हुआ था। घायल को दुर्घटना स्थल से उठाकर एमएमयू अस्पताल भिजवा दिया गया लेकिन वहां भी घायल की पहचान करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। सर्वेश देवी ने बताया कि उसका बेटा अजीत फैक्टरी में काम करता था। उसका एक बड़ा भाई गौरव और छोटा भाई लकी है। अजीत के गायब होने के बाद से गौरव और लकी उसकी तलाश में जुटे थे। व्हाट्सएप और फेसबुक पर भी उसके फोटो शेयर किए गए थे। पुलिस कर्मियों को यह फोटो भेजे गए थे।