नोट के बदले एक दिन की छुट्टी
- फोटो : demo
आधा महीना बीत चुका है। मुरादाबाद की प्राइवेट फर्म और कारखानों में वेतन बंटने का समय चल रहा है। एक्सपोर्टर और कारखानेदारों के सामने सेलरी देने का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारी और मजदूर पांच सौ और हजार के नोट लेने को तैयार नहीं हैं और मालिकों के पास सौ सौ के नोट नहीं है। ऐसे में जो कर्मचारी पांच सौ हजार के नोट लेने के लिए तैयार हैं वे एक दिन की छुट्टी मांग रहे हैं।
फैक्ट्रियाें, कारखानों में इन दिनों काम की सुस्त रफ्तार चल रही है। कच्चे माल की दिक्कत के कारण काम कम हो गया है। अब एक नहीं मुसीबत और आर गई है। मुरादाबाद की सभी एक्सपोर्ट फर्म, फैक्ट्रियों और कारखानों में हर महीने के दस से 15 तारीख के बीच वेतन दिया जाता है। अब वेतन देने के लिए सौ सौ के नोट कहां से लेकर आएं। अभी भी हजार और पांच सौ के नोट हैं। उन्हें भी दूसरी जगहों से जो पेमेंट मिल रहा है वह उन्हीं में है।
ऐसे में उन्हें जब बड़े नोट दिए जा रहे हैं तो वे लेने को तैयार ही नहीं हैं। अगर लेने को तैयार भी हो रहे हैं तो एक दिन की छुट्टी भी मांग रहे हैं। यंग इंटरप्रेन्योर सोसाइटी के सचिव विशाल अग्रवाल ने बताया कि इस समय वेतन दिया जाता है। लेकिन सभी के सामने नोट को लेकर दिक्कत आ रही है। अगर कर्मचारी पांच सौ और हजार के नोट लेने को तैयार हैं तो साथ में एक दिन की छुट्टी भी मांग रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने नोट ले तो लें, लेकिन बैंक में जाकर जमा करने में पूरा दिन लग जाएगा। अब छुट्टी भी हमारे खाते में जाएगी।