मुरादाबाद। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय इंतेखाब आलम की अदालत ने चाकू से गोदकर मां की हत्या में मुलजिम बेटे आकाश शर्मा को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस केस में खास बात यह रही कि चश्मदीद गवाही से मुकर गए थे। बावजूद इसके अदालत ने मजबूत विवेचना, साक्ष्य और दमदार पैरवी को आधार बनाकर अपना फैसला सुनाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार चौहान ने बताया कि यह सनसनीखेज घटना आठ जून 2017 की रात ग्यारह बजे की है। संभल जनपद के असमोली थानाक्षेत्र के देहरी जग्गू गांव निवासी मूर्ति देवी पत्नी भरत लाल शर्मा के तीन बेटे विकास, मोहित और आकाश शर्मा हैं। दो बेटे विकास और मोहित मझोला थानाक्षेत्र के लाइ पार में रहते हैं। जबकि छोटा बेटा आकाश अपनी मां मूर्ति देवी के साथ गांव में ही रहता था। पति के देहांत के बाद महिला ने अपने तीनों बेटों को मकान और जमीन का बंटवारा कर दिया था।
इस बंटवारे से छोटा बेटा आकाश नाखुश था। बंटवारे से नाराज होकर आरोपी आकाश ने अपनी मां पर चाकू से ताबड़तोड़ 17 वार कर हत्या कर दी थी। बड़े बेटे मोहित ने आरोपी आकाश के खिलाफ असमोली थाने में हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मां के हत्यारोपी बेटे को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था। इसके पुलिस ने अलावा तफ्तीश पूरी करने के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी। इस मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय इंतेखाब आलम की अदालत में चल रही थी। जिसमें सरकार की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार चौहान ने पक्ष रख और मुलजिम बेटे को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को दलीलें दीं।
अदालत ने साक्ष्य, विवेचना, पीएम रिपोर्ट और दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम बेटे को मां की हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि केस में नौ गवाह थे। जिसमें चार गवाह आरोपी के परिवार से थे। जो अदालत में मुकर गए। बावजूद इसके अदालत ने विवेचना, साक्ष्य और पैरवी को आधार बनाकर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई।