मुरादाबाद। शहर में विकास के दावों के बीच लाइनपार के वार्ड-30 की गलियां बदहाली की तस्वीर बनी हुई हैं। जयंतीपुर, शिवपुरी और करूला को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते पर सड़क बनाने की कवायद शुरू हुई, लेकिन मिट्टी और भराव डालकर काम छोड़ दिया गया। गलियों में सड़क नहीं होने से लोगों ने प्लास्टिक के कट्टे बिछाकर आने-जाने का रास्ता बनाया है।
गलियां नीची होने और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से नालियां चोक पड़ी हैं। बारिश होते ही पानी गलियों में भर जाता है और कई घरों के अंदर पहुंच जाता है। मेहराब वाली मस्जिद के आसपास की गलियों में कीचड़ के कारण पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन फिसलते हैं और कई बार वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह समस्या एक-दो साल की नहीं बल्कि 10 साल से अधिक पुरानी है। बारिश के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार और बुजुर्ग लोगों को होती है। जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस भी अंदर तक नहीं पहुंच पाती। मरीज को मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कई बार समस्या बताने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। अधूरी सड़क, चोक नालियां और जलभराव ने पूरे इलाके की आवाजाही मुश्किल कर दी है। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह का कहना है कि जयंतीपुर में निर्माण कार्य चल रहा है। टीम से कहकर इसे जल्द पूरा कराएंगे।
लोगों के कोट्स (फोटो)
बारिश शुरू होते ही गली में पानी और कीचड़ भर जाता है। घर से निकलने के लिए प्लास्टिक के कट्टे बिछाने पड़ते हैं। सड़क का काम शुरू हुआ तो उम्मीद जगी थी, लेकिन मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। अब वाहन तो दूर, पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
- हामिद
नालियों का पानी बारिश में घर के दरवाजे तक ही नहीं, अंदर तक पहुंच जाता है। बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल रहता है। कई बार उन्हें गोद में उठाकर पानी पार कराना पड़ता है। वर्षों से यही हाल है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ।
- शबीना
गली नीची है और पानी निकलने की कोई सही व्यवस्था नहीं है। बारिश में बाइक लेकर निकलना जोखिम भरा हो जाता है। कई बार वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं। सड़क बनाने के लिए मिट्टी डाली गई थी, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। लोगों को फिर उसी परेशानी में छोड़ दिया गया।
- अनवर
किसी के घर में मरीज हो जाए तो सबसे बड़ी चिंता अस्पताल पहुंचाने की होती है। एंबुलेंस चालक गली के हालात देखकर अंदर आने से मना कर देते हैं। मरीज को चारपाई या दूसरे साधन से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। बारिश में परेशानी और बढ़ जाती है।
- अताउल्लाह
दस साल से ज्यादा समय से सड़क और जलनिकासी की समस्या झेल रहे हैं। हर बारिश में यही स्थिति बनती है। हम बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और घरों में पानी घुसने से सामान खराब होता है। हमारे बड़ों ने नेताओं से कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस है।
- मुस्तफा