मुरादाबाद। बारिश के साथ जिले में सर्पदंश के मामले बढ़ रहे हैं। कई ऐसे केस सामने आए जिनमें सांप ने लोगों को खेत पर जाते समय काटा। एक मामला ऐसा भी है जब सांप घर में वाशिंग मशीन में ही छिपा था। 30 दिन में जिले में सांप के डसने के 49 मामले सामने आए। इनमें 27 मरीज जिला अस्पताल मुरादाबाद पहुंचे, जबकि 22 मरीजों का उपचार सीएचसी स्तर पर हुआ। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले 30 दिन में सर्पदंश से जिले में एक भी मौत दर्ज नहीं हुई। सभी सीएचसी और जिला अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश में बिलों में पानी भरने से सांप बाहर निकलकर सूखी जगह तलाशते हैं। यही वजह है कि खेत, घास-फूस, उपलों के ढेर, लकड़ी-कबाड़ और घरों के आसपास इनके मिलने की संभावना बढ़ जाती है। मानसून में सर्पदंश के मामले बढ़ने का संबंध बारिश और सांपों की बढ़ी गतिविधि से वैज्ञानिक अध्ययनों में भी सामने आया है।
केस-1: घर में खेल रही गौरी को डसा, नहीं बची जान
13 अप्रैल को बिलारी के ग्वारऊ गांव में 12 वर्षीय गौरी घर के कमरे में खेल रही थी। इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया। बालिका के चीखने पर पड़ोसी पहुंचे और उसे सीएचसी बिलारी ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक ने बताया था कि बालिका को अस्पताल लाने में काफी देरी हुई थी और सीएचसी में एंटीवेनम उपलब्ध था।
केस-2: उपले निकालते समय युवती को डसा
19 जुलाई को बिलारी क्षेत्र में भूड़ से उपले निकाल रही एक युवती को सांप ने डस लिया। घटना में युवती की जान चली गई। चूंकि घरवाले युवती को अस्पताल नहीं ले गए थे इसलिए मामला विभागीय रिकॉर्ड में नहीं आ सका। घटना बताती है कि बारिश के दिनों में घर के आसपास रखे उपले, लकड़ी, घास और अन्य सामान हटाते समय भी सावधानी जरूरी है।
केस-3: वाशिंग मशीन से निकला सांप, महिला को डसा
24 जुलाई को भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव सिडलऊ नजरपुर में घर में रखी वाशिंग मशीन से अचानक सांप निकलने के बाद एक युवती को उसने डस लिया। सर्पदंश के बाद युवती को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां दो दिन भर्ती रहने के बाद महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया। युवती रेनू ने कपड़े धोने के लिए वाशिंग मशीन खोली थी, तभी अचानक सांप निकल आया।
कोबरा, करैत और वाइपर ज्यादा खतरनाक
मंडलीय वन संरक्षक आदर्श कुमार का कहना है कि हर सांप जहरीला नहीं होता, लेकिन बिना विशेषज्ञ पहचान के किसी सांप को गैर-विषैला मानना खतरनाक हो सकता है। कोबरा, कॉमन करैत, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर प्रमुख विषैले सांपों में शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इनके जहर से तंत्रिका तंत्र, रक्त के जमने की प्रक्रिया, किडनी और शरीर के ऊतकों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
सांप काटे तो झाड़-फूंक नहीं, अस्पताल जाएं
सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि सांप काटने पर मरीज को शांत रखें और प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं। उसे जल्द से जल्द नजदीकी सीएचसी या जिला अस्पताल पहुंचाएं। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। घाव पर चीरा लगाना, जहर चूसना, बर्फ लगाना या कसकर कपड़ा बांधना नुकसानदायक हो सकता है।