मुरादाबाद में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भीषण हादसे में गई छह लोगों की मौत हो गी। हादसे के बाद दुर्घटनास्थल पर घायलों और शवों की हालत देखकर राहगीरों के रोंगटे खड़े हो गए।
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रविवार की दोपहर साढ़े तीन बजे मेरठ से गोरखपुर जा रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने ओवरटेक करते समय ऑटो में टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो ऑटो बस के बंपर में फंस गया था। बावजूद इसके बस चालक ने रफ्तार कम नहीं की।
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करीब 40 मीटर से भी ज्यादा दूरी तक बस ऑटो को घसीटते हुए ले गई। हाईवे पर दूर तक लाशें बिखर गई और घायल चीखपुकार मचाते रहे। कुछ घायल ऑटो में ही बुरी तरह फंस गए थे। पुलिस ने राहगीरों की मदद से सभी को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवा दिया।
कुंदरकी के अब्दुल्लापुर निवासी करन सिंह ने परिवार की महिलाएं और बेटियों के लिए संजू का ऑटो बुक कर लिया था। परिवार के लोगों ने बताया कि घर से निकलने से पहले ही करन सिंह ने अपने फुफेरे भाई धर्मपाल को कॉल कर बताया दिया था कि चार बजे तक पहुंच जाएंगे जबकि परिवार के अन्य लोग बाइकों से रवाना हो गए थे।
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संजू ने नूरपुर के पास से दिल्ली लखनऊ हाईवे पर चढ़ा दिया था। इसके बाद दलपतपुर जीरो प्वाइंट से होते हुए हुए काशीपुर तिराहे की ओर रवाना होने जा रहे थे लेकिन हाईवे पर रफातपुर के पास तेज रफ्तार बस ने ओवरटेक करते समय ऑटो में टक्कर मार दी। ऑटो बस के बंपर में फंस गया था। जिस कारण बस ऑटो को 40 मीटर से भी ज्यादा दूरी तक घसीटते हुए ले गई।
ऑटो में सवार लोग दूर जाकर गिरे
इस हादसे के बाद ऑटो में सवार लोग दूर जाकर गिरे और वह खून से लथपथ होकर चीख पुकार मचाने लगे। इस दौरान छह लोगों की सांसें थम गई। ऑटो चकनाचूर हो गया। इसके बाद चालक ने बस रोकी और मौके से भाग गया। लोगों की सूचना पर कटघर, मूंढापांडे थाने की पुलिस पहुंच गई और एंबुलेंस बुला ली। घायलों को निजी अस्पताल और जिला अस्पताल भिजवा लेकिन तब तक छह लोगों की सांसें थम चुकी थीं।
हादसे के बाद हाईवे पर लग गया जाम
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रविवार की दोपहर हुए भीषण हादसे के बाद जाम लग गया। कटघर, यातायात और मूंढापांडे थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाने के बाद करीब एक घंटे बाद यातायात चालू हो पाया।
हादसे की शिकार गर्भवती सुमन की नौ माह पहले ही हुई थी शादी
मधुपुरी निवासी हरदीप सिंह से अब्दुल्लापुर निवासी सुमन की नौ माह पहले शादी हुई थी। वह सात माह की गर्भवती थीं। शादी में शरीक होने के लिए सुमन भी धर्मपाल के घर जा रही थीं और हादसे का शिकार हो गई। सुलतानपुर निवासी करन सिंह के साथ टेंपो पर बैठकर उनकी बहन सुमन भी जा रही थीं।
हादसे में करन की पत्नी सीमा और बेटी अनाया के साथ सुमन की भी मौत हो गई। पत्नी के मौत की जानकारी मिलने के बाद पति हरदीप जिला अस्पताल की स्थित मोर्चरी पर पहुंचे। पत्नी का शव को देखते ही वह फफक फफकर रोने लगे। परिवार के लोगों ने उसे ढांढ़स बंधाया। उन्होंने बताया कि एक साथ साथ दो जान चली गई। टेंपो में स्थान नहीं होने की वजह से करन सिंह के दोनों बेटे रोहित और अभिषेक साथ नहीं गए और घर रहने के कारण सुरक्षित बच गए।
अचानक शादी में जाने को तैयार हुआ था चालक संजू
दुर्घटना का शिकार ऑटो चालक संजू रविवार को कहीं अन्य स्थान पर जा रहा था लेकिन अधिक सवारी देखकर शादी में जाने के लिए तैयार हो गया। सुलतानपुर निवासी ऑटो चालक संजू सिंह के छोटे भाई राजीव ने बताया कि उसका भाई पहले शादी में जाने के लिए तैयार नहीं था। वह अन्य स्थान पर जा रहा था लेकिन अचानक शादी में जाने का ऑफर मिलने पर वहां जाने के लिए तैयार हो गया। घर से निकलने के कुछ देर बाद उसे बड़े भाई की मौत की सूचना मिली। ऑटो चालक की एक बेटी और दो छोटे बेटे मौजूद हैं।
यातायात माह में 50 से ज्यादा हादसे, 35 की मौत
यातायात माह के तहत जागरूकता कार्यक्रम करने के बाद भी सड़क हादसों पर नियंत्रण नहीं दिखाई दे रहा है। नवंबर माह में हादसे कम होने के बजाय बढ़ गए। एक महीने के भीतर जिले में अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क दुर्घटनाओं के दौरान 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 50 हादसों में 30 लोग घायल हुए हैं। कई लोग गंभीर स्थिति में भी हैं।
हर साल यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए नवंबर में यातायात माह मनाया जाता है। इस दौरान लोगों को सीट बेल्ट पहनने, हेलमेट लगाने और यातायात नियमों का पालन करने की जानकारी दी जाती है। इससे सड़क हादसे न हों और लोग यातायात नियमों के प्रति जागरूक हों। इसके बाद भी हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। नवंबर माह में हादसों की संख्या बढ़ गई है। 50 हादसों में 35 लोगों की मौत हुई है और 30 लोग घायल हुए हैं। कई लोगों का हेलमेट नहीं लगाने से जान गई है।