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चीन को पीछे छोड़ने की मंशा से काम करें : सिद्धार्थनाथ सिंह

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दिल्ली रोड स्थित होली डे रीजेंसी होटल में निर्यातक सम्मलेन में लोगो को चेक देते मुख्य अतिथि सूक्? - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। उद्यमियों और निर्यातकों की समस्याओं को जानने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। मुरादाबाद आए एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा वस्त्रोद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के सामने अनेक समस्याएं उठीं। मंत्री ने निर्यातकों का आह्वान किया कि उत्पाद और निर्यात के मामले में हमें चाइना को पीछे छोड़ना है। हर उद्यमी इस मंशा से काम करे और अपने आइडिया व सुझाव दे।
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शहर के एक होटल में आयोजित निर्यातक सम्मेलन में मंत्री सिद्घार्थनाथ सिंह निर्यातकों से रूबरू हुए। उन्होंने निर्यातकों की समस्याओं के हर संभव निराकरण का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि कोई भी उत्पाद छोटा नहीं होता, यदि उसे बनाने वाला उद्यमी की सोच विकसित कर ले तो उसे आगे बढ़ने में देर नहीं लगती। उन्होंने कहा कि हमें संघर्ष करने की आदत डालनी होगी, तभी कामयाबी मिलेगी। हमें विकास के लिए सिस्टम में भी परिवर्तन लेकर आना है। एसईजेड एवं सोर्सिंग हब के संचालन के भी हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उद्यमियों और निर्यातकों को हर प्रकार की तकनीक और सुविधाएं देने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने हनी मिशन उद्योग के बारे में बताया कि यह पांच करोड़ का प्रोजेक्ट है और सरकार 90 प्रतिशत अनुदान देती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था ठीक होगी तभी उद्योग का विकास होगा। उन्होंने कहा कि उद्योग और निर्यात बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्घ है।
डीएम बोले, जिले में सात हजार करोड़ का होता है कारोबार
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि जिले में 22 हजार उद्यमी और 15 सौ निर्यातक हैं। यहां सात हजार करोड़ का कारोबार होता है। कहा कि निर्यातकों, उद्यमियों की अधिकांश समस्याओं का निराकरण जिला उद्योग बन्धु की बैठक में निरंतर किया जाता है। मुरादाबाद में आर टू की समस्या है और यहां पर उद्यमियों की मांग रही है कि एक निर्यातक क्षेत्र होना चाहिए। इस संबंध में प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। उन्होंने दावा किया कि जनपद में उद्यमियों को बिजली की कोई समस्या नहीं है।
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उद्यमियों को दिए दो करोड़ 55 लाख
मंत्री ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत रोहित सिंह, पूजा वर्मा, अंकिता गुप्ता को 10 10 लाख की धनराशि, सोनिया कपूर को 25 लाख और निश्चल आर्य को दो करोड़ की धनराशि के चेक दिए। इसी प्रकार एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूल किट योजना के तहत लाभार्थियों को टूल किट वितरित कर उत्साहवर्धन किया।
इनकी रही मौजूदगी
विशिष्ट अतिथि महापौर विनोद अग्रवाल, विधायक रितेश गुप्ता, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष गोपाल अंजान, संयुक्त निर्यात आयुक्त पवन अग्रवाल, उद्योग उपायुक्त अनुज कुमार, सीडीओ आनंद वर्धन, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंशुल अग्रवाल, वैभव अग्रवाल, मोहम्मद अहमद, फरीद अहमद, मनोज यादव, ताहिर सलामी, कमल कौशल आदि।
मंत्री की पाठशाला में सरकारी तंत्र की तानाशाही बयां करते रहे निर्यातक
विकास शुक्ल, मुरादाबाद। कैबिनेट मंत्री सिद्घार्थनाथ सिंह ने यहां निर्यातकों की पाठशाला लगाई। उन्होंने समस्याओं की बाबत निर्यातकों से एक एक कर अपनी दिक्कतों को बताने के लिए कहा। निर्यातकों ने समस्याएं बतानी शुरू कीं तो सरकारी तंत्र की तानाशाही सामने आती गई। हालांकि मंत्री ने निर्यातकों की समस्याओं पर तो कुछ नहीं कहा, उल्हे यह नसीहत जरूर दे गए कि उद्योग कोई छोटा नहीं होता, वह खुद में उद्यमी की सोच विकसित करें तो हर समस्या का समाधान हो जाएगा।
निर्यातक हेमंत जुनेजा ने बताया कि वह उत्पाद लेकर अपनी कार में नहीं चल सकते। क्योंकि सैंपल्स होने पर भी जगह जगह अधिकारी परेशान करते हैं। वह उद्यमी और निर्यातक होने का प्रमाण देते हैं, फिरभी उनसे लिखित में मांगा जाता है। वहीं मेंथा इंडस्ट्री एंड एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष फूल प्रकाश ने बताया कि आयकर, बिक्रीकर के अधिकारी पिछले दो साल पुराने टैक्स को दिखाकर वसूली कर रहे हैं। इस तरह जीएसटी के साथ उन्हें अन्य कर भी देने पड़ जाते हैं। जिला संभल के एक जिला एक उत्पाद योजना के सदस्य संजय शंखधार ने कहा कि जनपद बनने े नौ साल बाद भी जिला उद्योग केन्द्र की स्थापना नहीं हो सकी है, जिससे उद्यमियों को मंडल मुख्यालय पर आना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि संभल से होकर जाने वाले प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस वे के समीप एमएसएमई के क्लस्टर की स्थापना हो। इस पर मंत्री ने कहा कि इसके लिए एक्सप्रेस वे के पास भूमि रिजर्व में रखी जाएगी। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंशुल अग्रवाल ने निर्यातक क्षेत्र विकसित करने की मांग उठाई, जिस पर मंत्री ने आश्वासन दिया। सचिव रचित ने कहा कि 14 साल पहले निर्यात प्रोत्साहन भवन का निर्माण किया गया था, लेकिन आज तक इसे चालू नहीं किया जा सका है। मंत्री ने भवन चालू करने की बाबत तो कुछ नहीं कहा, बल्कि एक जिला एक उप्पाद योजना के तहत डिस्प्ले सेंटर बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
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