प्रयागराज/बिलारी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने औद्योगिक प्रदूषण से जुड़े मामले में मुरादाबाद के ग्राम मनकुला स्थित श्री राम इंडस्ट्रीज के पुनः संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। साथ ही उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि कोर्ट की अनुमति के बिना उद्योग का संचालन दोबारा शुरू न किया जाए। 24 अगस्त को मामले की सुनवाई होगी।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने शुभम राठी की जनहित याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता ने उद्योग से निकलने वाली हानिकारक गैस, कार्बन एवं अन्य प्रदूषकों से आसपास के क्षेत्र में हो रहे वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया। कहा कि उद्योग के आसपास स्थित करीब सात गांवों की आबादी और उनकी फसलें प्रदूषण से प्रभावित हो रही हैं। याचिका में उद्योग के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। कोर्ट ने श्री राम इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। उधर, भाकियू टिकैत युवा के पूर्व पउप्र प्रभारी शुभम राठी ने मंगलवार दोपहर मनकूला गांव में अपने कैंप कार्यालय पर पत्रकार वार्ता बुलाकर उच्च न्यायालय प्रयागराज के आदेश के बारे में जानकारी दी। वहीं, औद्योगिक इकाई संचालक गौरव गुप्ता, संजीव गुप्ता और संजय सिंह का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस के बाद औद्योगिक इकाई में केवल रख रखाव का काम कराया जा रहा है। इकाई में कोई अन्य संचालन नहीं हो रहा है। उच्च न्यायालय प्रयागराज के इकाई संचालन पर रोक लगाने संबंधी आदेश की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।