डिलारी। क्षेत्र के गांव सरकड़ा विश्नोई में विश्नोई मंदिर समिति के तत्वाधान में प्राचीन विश्नोई मंदिर पर सात दिवसीय श्री जम्भवाणी हरिकथा ज्ञान यज्ञ के संपूर्ण होने व वैशाख की अमावस्या पर शुक्रवार को विशाल यज्ञ का आयोजन किया गया।
कथा व्यास आचार्य अमृतानंद जी व महंत श्री स्वामी प्रणवानंद जी महाराज, चन्द्रमोहन शास्त्री, सागरानंद महाराज, राजू महाराज, शरणानंद महाराज व गाेंविद शरणा नंद महाराज द्वारा जंभवाणी के 120 शब्दों पर आहुतियां प्रदान की गईं। पांच कलशों को वैदिक मंत्रों के द्वारा स्थापित किए गए।
वक्ताओं ने बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान कराने का आह्वान किया। वह उच्च पदों पर पदासीन होकर अपने समाज की पहचान बना सकें। पर्यावरण के लिए सरकड़ा विश्नोई एक ऐतिहासिक गांव है जहां अग्रेजों को शिकार करने से इस गांव के लोगों ने रोक दिया था।
इस गांव के लोग आज भी अपने क्षेत्र में जीव हत्या नही करने देते हैं। जीव हत्या व वृक्षों के कटान रोकने का आह्वान किया। अतिथियों को महंत प्रणवानंद महाराज ने पट्टा व शॉल प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के उपरांत भंडारे का आयोजन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि योगेन्द्र पाल सिंह विश्नोई, एडवोकेट सुशील कुमार विश्नोई, डॉ. राजीव मोहन विश्नोई, हरिओम सिंह विश्नोई, मानवी विश्नोई, राजन विश्नोई, सुनिल कुमार, संजय विश्नोई, गौरव चौहान व रवींद्र पाल सिंह आदि रहे।