मुरादाबाद। दिल्ली में बम धमाके बाद मुरादाबाद मंडल में सतर्कता बढ़ाने के साथ ही संदिग्ध लोगों की निगरानी शुरू कर दी गई है। सामने आया है कि डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन और डॉ. आदिल मुरादाबाद मंडल के डॉक्टरों के संपर्क में थे। एटीएस समेत अन्य एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है। मंडल के कश्मीरी डॉक्टर, मदरसों में पढ़ने वाले छात्र और शिक्षकों का सत्यापन करने के साथ ही इनकी ट्रैवल हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, रामपुर और बिजनौर में 100 से ज्यादा कश्मीर से संबंध रखने वाले डॉक्टर हैं। इसके अलावा मंडल के मदरसों में कश्मीर के छात्र पढ़ते हैं और कश्मीर के शिक्षक पढ़ाते हैं। दिल्ली बम धमाके के बाद इन सभी लोगों का सत्यापन किया जा जा रहा है। एटीएस और अन्य जांच एजेंसियां अस्पतालों, क्लीनिक, कॉलोनियों में जानकर इनके बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
इनकी कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही यह भी पता किया जा रहा है कि अक्तूबर माह में इन्होंने कहां-कहां का टूर किया है। मुरादाबाद में इनसे कौन-कौन लोग मिलने आए। जो लोग मिलने आएं हैं वह कौन हैं और इनका उनसे क्या संबंध हैं।
ढाई हजार किरायेदारों का किया जा चुका है सत्यापन
मुरादाबाद। शहर में डोर टू डोर अभियान चलाकर किरायेदारों का सत्यापन किया जा रहा है। एक सप्ताह में सिविल लाइंस, कोतवाली, नागफनी, मुगलपुरा, कटघर, गलशहीद, मझोला, पाकबड़ा और मूंढापांडे में करीब 2500 किरायेदारों का सत्यापन किया जा चुका है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह कहना हैं कि अभियान के दौरान अब तक कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला है। सभी थानों में चौकी प्रभारी अपनी अपनी टीमों के साथ सत्यापन अभियान चला रहे हैं। इसके अलावा सभी पार्किंग स्थल में सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए हैं। जहां कैमरे नहीं थे या खराब थे, वहां व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। ब्यूरो
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मुरादाबाद में पहले भी पकड़े जा चुके हैं संदिग्ध
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। एटीएस, एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मुरादाबाद से पहले भी संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह संदिग्ध खुफिया एजेंसियों से बचने के लिए मुरादाबाद में छिपे थे।
मुगलपुरा थानाक्षेत्र के बरवालान में 27 अक्तूबर 2017 को एटीएस ने सिद्धार्थ नगर के शोहरतगढ़ निवासी फरहान को गिरफ्तार किया था। आतंकी फरहान गोधरा कांड को अंजाम देने वाले लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य था। इससे पहले छह अगस्त 2007 को दिल्ली की स्पेशल सेल ने उसे पोटा कानून के तहत गिरफ्तार किया था। उसे सात साल की सजा हुई थी। 2009 में हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आने के बाद वह मुरादाबाद आकर छिप गया था।
मूंढापांडे थाना क्षेत्र के मिलक गुलड़िया में पांच मई 2023 को एटीएस ने संदिग्ध आतंकी अहमद रजा को गिरफ्तार किया था। वह जयपुर दीनी तालीम लेने गया था। इसके बाद वह वहीं मदरसे में पढ़ाने लगा। इस दौरान वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी फिरदौस के संपर्क में आ गया। फिरदौस के जरिये वह अनंतनाग गया और वहां हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी।
इसके अलावा दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने दो अक्तूबर 2023 को मुरादाबाद से आईएस के संदिग्ध आतंकी अरशद वारसी को भी गिरफ्तार किया था। उसने भी मुरादाबाद में ही पनाह ली थी। मंडल के संभल, अमरोहा और बिजनौर में भी आतंकी अपना ठिकाना बना चुके हैं।
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मुरादाबाद आई थी डॉ. शाहीन
मुरादाबाद। दिल्ली बम धमाके के बाद चर्चा में आई डॉ. शाहीन के मुरादाबाद मंडल में भी एक धार्मिक कार्यक्रम में आने की चर्चा हैं। एजेंसियां अब इस बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं कि यह कार्यक्रम जिसने आयोजित कराया था और उस वक्त डॉ. शाहीन कितने लोगों के संपर्क में थी।