मुरादाबाद। विकास खंड मूंढापांडे की ग्राम पंचायत दौलरा में प्रशासकों का कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद भी विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर निकाले गए 3.46 लाख रुपये के मामले में आरोपी पंचायत सचिव दयाराम को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा तत्कालीन प्रशासक/एडीओ चंद्रपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीडी (पंचायत) को डीपीआरओ ने पत्र भेजा है। प्रशासकों के कार्यकाल में विकास कार्य के नाम पर की गई गड़बड़ी के मामले में इस पहली कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा है।
ग्राम पंचायत दौलरा में प्रशासक का कार्यकाल ग्राम पंचायत की समितियों के गठन के साथ 27 मई को खत्म हो गया था, लेकिन इसके बाद भी आठ जून को एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत सचिव ने बतौर प्रशासक की हैसियत से 3,46,875 रुपये वॉल पेंटिंग, सैनिटाइजर छिड़काव, फॉगिंग मशीन, सोलर लाइट और पंचायत भवन निर्माण के नाम पर निकाल लिए थे। अमर उजाला ने छह अगस्त के अंक में इस मुद्दे को उठाया था। जिसका संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने मामले की जांच की तो खबर में किया गया खुलासा सही पाया गया। डीपीआरओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत दौलरा के पंचायत सचिव दयाराम तथा तत्कालीन प्रशासक चंद्रपाल सिंह को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था, लेकिन तय समय में दोनों संतोष जनक उत्तर नहीं दे सके।
इसके बाद डीपीआरओ ने अपनी जांच रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी को भेज दी। जिला विकास अधिकारी ने इस संबंध में डीएम के निर्देश के क्रम में ग्राम पंचायत सचिव दयाराम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ उन्हें विकास खंड मुरादाबाद से संबद्ध कर दिया है। साथ ही विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए खंड विकास अधिकारी ठाकुरद्वारा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने दयाराम के निलंबन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि तत्कालीन प्रशासक/एडीओ (पंचायत) चंद्रपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए उपनिदेशक पंचायतीराज को पत्र लिखा गया है।