मुरादाबाद। स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की खैर नहीं है। प्रशासन ने बिना फिटनेस बसों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी है। आरटीओ ने स्कूलों में संचालित 45 बसों के स्वामियों को बसों का फिटनेस कराने के नोटिस जारी किए हैं। वाहन स्वामियों के नाम एवं पते सही नहीं मिलने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक से स्कूलों से जांच कराए को पत्र भेजा है।
उप्र मोटर यान अधिनियम 26वें संशोधन में स्कूल बसों के लिए सुरक्षा मानकों का निर्धारण किया है। इसमें स्कूलों की जवाबदेही तय की गई। स्कूल बसों की उम्र 15 साल से कम कर 10 साल करने के साथ, सीसी कैमरे लगाने, बसों में अध्यापिकाओं की तैनाती जैसे मानक बनाए हैं। स्कूल प्रबंधन ने इसके विरोध में पिछले दिनों दो दिनों तक स्कूल वाहनों का संचालन बंद रखा। इससे अभिभावकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। शिक्षा विभाग, प्रशासन एवं पुलिस ने स्कूल बसों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
आरटीओ ने 45 स्कूल बसों को चिह्नित कर फिटनेस कराने के नोटिस भेजे। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन के मुताबिक वाहन स्वामियों को भेजे नोटिस डाक द्वारा वापस आ गए हैं। डाक विभाग को वाहन स्वामियों के पते एवं नाम नहीं मिले हैं। आरटीओ ने वाहन स्वामियों को चिह्नित करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक से मदद मांगी है। दोनों ही विभागों को संबंधित स्कूलों की सूची भी सौंपी गई है, जिनमें बसों का संचालन होता है। आरटीओ ने कहा कि सुरक्षा मानकों और बिना फिटनेस वाहनों का संचालन नहीं होगा।