मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा परिषद के अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती के गोलमाल के खुलासे से विभाग में हड़कंप मचा है। बीएसए कार्यालय ने लिखित और इंटरव्यू के बाद तैयार शिक्षकों की मेरिट से छेड़छाड़ कर चहेते शिक्षकों को स्कूल आवंटित कर दिए। शिक्षकों की शिकायत पर निदेशक की ओर से बैठाई जांच पूरी हो गई है। सहायक शिक्षा निदेशक ने बीएसए और पटल सहायक को प्रथम दृष्टया दोषी बताते हुए जांच रिपोर्ट निदेशक को भेज दी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और नए सिरे से स्कूल आवंटन की प्रक्रिया की संभावना बन गई है।
बेसिक शिक्षा परिषद के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षण कार्य के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के 1024 आवेदन हुए थे। आवेदन करने वाले शिक्षकों की लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के बाद 518 शिक्षकों का चयन हो गया। शिक्षा सचिव ने 28 मार्च को चयनित शिक्षकों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए। इसमें चयनित शिक्षकों को स्कूल आवंटन के लिए कई मानक निर्धारित किए। साथ ही उसी ब्लाक में तैनाती के आदेश दिए गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों की तैनाती कर दी। स्कूल आवंटन की सूची सार्वजनिक नहीं की गई। जून माह में चयनित शिक्षकों को व्यक्तिगत ज्वाइनिंग लेटर जारी कर दिए। इसमें उच्च मेरिट वाले शिक्षकों की तैनाती नहीं होने और निमभन मेरिट वाले शिक्षकों के उनके मनचाहे स्कूलों में तैनाती से विरोध शुरू हो गया। चयन से बाहर हुए शिक्षकों ने निदेशक से इसकी शिकायत की। निदेशक ने सहायक शिक्षा निदेशक द्वादश मंडल संजय कुमार रस्तोगी को जांच सौंप दी। एडी बेसिक ने जांच रिपोर्ट निदेशक को सौंप दी है। इसमें बीएसए योगेंद्र कुमार और पटल सहायक वीरेंद्र कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया है।
जांच रिपोर्ट में कहा
जांच रिपोर्ट में एडी ने कहा कि चयनित शिक्षकों की मूल पत्रावलियां उपलब्ध नहीं कराईं। पत्रावलियों के छाया प्रति के अवलोकन और पटल सहायक ने बयानों में बताया कि पद स्थापना सूची भी नहीं बनाई है। चयन सूची के आधार पर ही एकल पत्र निर्गत किए गए हैं। एडी ने जांच रिपोर्ट में अधिवक्ता विकास सक्सेना का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया नरेश कुमार वर्मा प्रधानाध्यापक मोहब्बतपुर बस्तौर कुंदरकी का मेरिट में उच्च स्थान होने के बाद भी चयन नहीं हुआ। इसी तरह सारिका भटनागर और सुधा सिरोही प्रधानाध्यापक का उच्च मेरिट के बाद भी चयन नहीं हुआ। एडी ने जिक्र किया है कि निमभन मेरिट के बावजूद कुछ शिक्षकों का चयन हो गया। एडी ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि बीएसए द्वारा मेरिट का ध्यान न रखते हुए पद स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि सुधा सिरोही की ओर से की गई शिकायत सत्य प्रतीत हो रही है। गोलमाल के खुलासे से विभाग में हड़कंप मचा है।
- अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नियमानुसार हुई है। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक की जांच रिपोर्ट की मुझे जानकारी नहीं है। - योगेंद्र कुमार, बीएसए
- निदेशक को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट गोपनीय और विभागीय है। उसके फैक्ट सार्वजनिक नहीं किए जा सकते हैं। - संजय कुमार रस्तोगी, सहायक शिक्षा अधिकारी