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धार्मिक स्थल खुलने का जनता को अभी करना होगा इंतजार

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मुरादाबाद। प्रदेश सरकार ने अनलॉक-2 में धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए सोमवार से शुक्रवार तक का समय निर्धारित कर दिया है, लेकिन मुरादाबाद में अभी पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। स्थानीय प्रशासन ने धार्मिक स्थलों के लिए अभी नई व्यवस्था जारी नहीं की है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि स्थानीय हालातों को देखते हुए अभी धार्मिक स्थलों को सामान्य तरीके से खोला जाना संभव नहीं है। भविष्य की स्थिति को देखते हुए बाद में निर्णय लिया जाएगा।
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अनलॉक वन में प्रदेश सरकार ने सभी धार्मिक स्थलों को खोलने के निर्देश दिए थे। ये निर्देश अब भी लागू हैं, पर स्थानीय हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन ने धर्म गुरुओं के साथ बैठक की थी। जिसमें धार्मिक स्थलों में पांच लोगों को प्रवेश करने की अनुमति की बात कही थी। अन्य सभी नियमों का पालन करने को कहा था, जिस पर धर्मगुरुओं ने इंकार करते हुए धर्म स्थलों को बंद रखने पर ही अपनी सहमति व्यक्त की थी। कहा था कि फिलहाल ये व्यवस्थाएं बनाना मुमकिन नहीं। इसी के आधार पर सभी गुरुद्वारे, मस्जिद, गिरिजाघर और मंदिर अभी जनता के लिए बंद हैं। सावन के सोमवार में भी मंदिरों में जलाभिषेक की अनुमति नहीं है। गिरिजा घर में अभी भी ऑनलाइन प्रार्थनाएं की जा रही हैं।
जिलाधिकारी का कहना है कि मुरादाबाद में कोरोना संक्रमण के हालातों को देखते हुए वर्तमान व्यवस्था ही ठीक ही। यानी जनता के लिए सामान्य तरीके से अभी धार्मिक स्थल नहीं खोले जा रहे हैं। वहीं, फि लीप मेमोरियल मेथोडिस्ट चर्च के पादरी बृजेश मेंशन का कहना है कि पांच लोगों को गिरजाघर में बुलाना व्यवहारिक नहीं है। प्रार्थना के लिए कम से कम एक से डेढ़ घंटा बैठना होता है। जिसमें शारीरिक दूरी का पालन करना भी मुश्किल है। इसीलिए अभी हमारे यहां पर ऑनलाइन प्रार्थना की जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा गिरिजाघरों को खोलने संबंधी कोई दिशा निर्देश भी प्राप्त नहीं हुआ है। इस्कॉन प्रचारक धीरशांतदास का कहना है कि मंदिर अभी भी बंद चल रहे हैं। सावन में भोले के श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए अंतिम सोमवार को मंदिर खोलने का प्रशासन से अनुरोध करेंगे। साथ ही इस बात पर विशेष ध्यान रखा जाएगा कि शारीरिक दूरी का पूरी तरीके से पालन कर जलाभिषेक किया जा सके।
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