मुरादाबाद। सऊदी अरब हादसे से शहर के 200 परिवारों की चिंता बढ़ गई है। शहरवासी अपने परिजनों की खैरियत की दुआएं करने के साथ उनके सकुशल लौटने की कामना कर रहे हैं। सऊदी अरब में एक सड़क हादसे में उमरा पर गए 42 भारतीय नागरिकों की जान चली गई थी। इस हादसे की सूचना मिलते ही उन परिवार के सदस्य परेशान हो गए हैं जिनके अपने परिजन मौजूदा समय में उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए हुए हैं। हादसे के बाद परिजनों से संपर्क करने की कोशिशें भी तेज हो गईं। अपनों से बातचीत करने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है और उनके सकुशल लौटने की दुआएं कर रहे हैं।
तहसील स्कूल के इरम ने कहा कि उनके भाई मो. सलीम मदीना में ही हैं। हादसे की सूचना मिलने पर भाई को कई बार फोन किया लेकिन इंटरनेट बंद होने की वजह से उनसे संपर्क नहीं हो सका। इससे उनकी चिंता और भी बढ़ गई। मो. सलीम को उसी रात नई दिल्ली के लिए फ्लाइट लेनी थी। हालांकि उन्होंने एयरपोर्ट पहुंचकर बहन से बात की और अपनी खैरियत की जानकारी दी तो परिवार में सभी को राहत मिली वरना सभी परेशान थे।
जामा मस्जिद के मो. अजीम, मो. वसीम, सुल्तान अहमद, लालबाग के शाकिर, जावेद नूर, तारा बिल्डिंग के मो. सलीम, तहसील स्कूल के सईद बिलाल भी उमरा करने के लिए सऊदी अरब पहुंचे हैं। उमरा के लिए काफिला लेकर जाने वाले फज्जील अहमद ने बताया कि उनके साथ 46 जायरीन हैं। जहां यह सड़क हादसा हुआ है वहां से वह सभी करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही सबसे पहले सभी को अपनी खैरियत की जानकारी घर पर दिलाई गई। परिजनों को खैरियत की सूचना देने पर परिवार ने राहत की सांस ली। हादसे की खबर सुनकर सभी परेशान हो गए थे।
पीरजादा, लाल बाग, जामा मस्जिद से जायरीनों के परिजनों ने बताया कि जब से हादसा हुआ है तब से चिंता बढ़ गई है। नमाज के बाद जायरीनों की सलामती और उनके खैरियत से लौटने की दुआएं कर रहे हैं।
वर्जन
शहर के 200 परिवारों से लगभग 250 जायरीन इस समय सऊदी अरब उमरा करने के लिए गए हुए हैं। हादसे की खबर सुनकर सभी की परेशानी बढ़ गई थी। हादसे में जान गंवाने वाले सभी भारतीय थे इस खबर से डर और चिंता दोनों बढ़ गए थे। कई टूर संचालकों से बात की है और सभी खैरियत से हैं। - मोअज्जम आफरीदी, संचालक, ड्रीम फ्लाई ट्रैवल्स