कैबिनेट मंत्री आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम पर एफआईआर के बाद रामपुर के कलक्टर - कप्तान सपा नेताओं की नजरों में चुभने लगे हैं। डीएम-एसपी को बसपा का एजेंट बताते हुए आजम खां के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां उर्फ शानू समेत सपा नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को कमिश्नर से मिला और दोनों अफसरों को हटाने की मांग की।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि दोनों अधिकारी हटाए नहीं गए तो मतगणना में गड़बड़ी करके आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को हरा सकते हैं। दोनों अफसरों पर सपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप भी लगाया है।
बसपा नेता के चिकन कार्नर पर तोड़फोड़ के बाद गुरुवार को स्वार पुलिस ने आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम समेत करीब दो सौ सपाइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसकी प्रतिक्रिया में शुक्रवार को आजम के मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां उर्फ शानू, रामपुर के सपा जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, नगर अध्यक्ष आसिम रजा शम्सी, नगर पालिका चेयरमैन अजहर अली खां, पूर्व विधायक अफरोज अली खां समेत सपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू से मिला।
आजम के सिपहसलारों ने कमिश्नर से शिकायत की कि रामपुर के जिलाधिकारी अमित किशोर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी बसपा एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। आरोप लगाया कि रामपुर की सदर और स्वार टांडा सीट पर बसपा का चुनाव दोनों अफसरों ने ही लड़ाया है।
रामपुर में दोनों अफसर सपा नेताआें का उत्पीड़न कर रहे हैं। जबकि बसपा नेताओं व उनके समर्थकों को पूरी खुली छूट दे रखी है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दोनों अफसरों की वजह से रामपुर का माहौल खराब हो रहा है।
वोटिंग वाले दिन डीएम - एसपी ने दहशत फैलाए रखी जिसकी वजह से लोग वोटिंग के लिए घरों से नहीं निकल सके। मतदान केंद्रों पर दोनों अफसर लाठीचार्ज करते रहे। कहीं कर्फ्यू लगाने की बात करते तो कहीं जेल भिजवाने की धमकी देते थे।
सपा नेताओं ने कमिश्नर से कहा कि डीएम -एसपी को तुरंत हटाया जाए नहीं तो 11 मार्च को मतगणना में वह गड़बड़ी कर सकते हैं। आरोप लगाया कि सपा के इशारों पर काम कर रहे इन अफसरों के रहते निष्पक्ष मतगणना की उम्मीद नहीं है।