बच्चों! चुनावी मेला खत्म हो गया है। अब आपके क्लास में न तो ‘पुलिस अंकल’ का बिस्तर बिछा है और न ही मैदान में ओपन किचन लगा है। फोर्स जा चुकी है। अब स्कूल पूरी तरह से खाली करा दिए गए हैं। आपके स्कूल एग्जाम के लिए पूरी तरह तैयार हो गए हैं।
आपने पांच दिन की मौज मस्ती कर ली है, अब परीक्षा की तैयारियों में जुट जाओ। मुरादाबाद में पंद्रह फरवरी को मतदान हुआ था। लेकिन फोर्स के ठहारने और मतदान बूथ बनाने के लिए कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं।
मुरादाबाद में पैरा मिलिट्री की 55 कंपनी और एक प्लाटून के अलावा 4 हजार पुलिस कर्मी और 5500 होमगार्ड बाहर के जिलों से आए थे। इन सभी को स्कूल कालेजों में ठहराया गया था। जिसके चलते स्कूल कालेजों की छुट्टी कर दी गई थीं। बच्चों के क्लासों में जवानों ने अपने बिस्तर लगा लिए थे।
जबकि मैदान में ही ओपन किचन लगा लिया था। स्कूल और कालेज पूरी तरह से फौजियों के ठिकाने बन गए थे। यहां टेंट और पंडाल भी लगा गए थे। चौबीस घंटे पहले तक जिन स्कूल कालेजों में चहल पहल थी। अब वहां सन्नाटा छा गया। जिन क्लासों में पीठासीन अधिकारी और कर्मचारी बैठे थे।
अब वहां माहौल बदल गया है। मैदान में बनी जवानों की ओपन किचन भी टूट गई। मुरादाबाद में शांति पूर्ण मतदान कराने में अहम भूमिका निभाने जवान अपना बोरियां बिस्तर समेट कर अगले चरण के लिए रवाना हो गए हैं।
अब स्कूल और कालेज पूरी तरह से एग्जाम के लिए तैयार हो गए हैं। शुक्रवार से टीचर भी एग्जाम कराने की तैयारियों में जुट जाएंगे। बच्चों आप पांच दिन की मस्ती कर चुके हो। अब आप भी पूरी तरह से एग्जाम की तैयारियों में जुट आओ।